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Bilaspur News: पांच माह बाद भी शाहतलाई में नहीं लगा बसों की समयसारिणी का बोर्ड
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शाहतलाई चौक। संवाद
डीसी के निर्देश भी कागजों में, श्रद्धालुओं और यात्रियों को हो रही परेशानी
फरवरी में चैत्र मास मेले की बैठक में डीसी ने दिए थे निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई(बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि शाहतलाई के मुख्य चौक की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए प्रशासनिक निर्देश करीब पांच माह बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। फरवरी में चैत्र मास मेले की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक बिलासपुर को मेला शुरू होने से पहले मुख्य चौक पर एचआरटीसी और निजी बसों की समयसारिणी का साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। मेला खत्म होने के बाद भी बोर्ड नहीं लग पाया है।
प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को बसों के आवागमन की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ मुख्य चौक पर बसों के अनावश्यक ठहराव को रोकना था। बोर्ड नहीं होने के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बसों के समय की जानकारी के लिए चालकों या स्थानीय लोगों से पूछताछ करनी पड़ती है। वहीं, कई बार बसें निर्धारित समय से अधिक देर तक चौक पर खड़ी रहने से यातायात प्रभावित होता है। शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर मुख्य चौक पर जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार बसों के ठहराव और समय सारिणी को लेकर कई बार एचआरटीसी और निजी बस कर्मचारियों के बीच बहसबाजी भी हो जाती है। लोगों का कहना है कि समय सारिणी बोर्ड लगाने और बसों के लिए निर्धारित ठहराव व्यवस्था लागू करने से समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। उपायुक्त ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच करवाई जाएगी कि निर्देश जारी होने के बावजूद संबंधित विभागों ने समय सारिणी का बोर्ड क्यों नहीं लगाया। एचआरटीसी बिलासपुर के मंडलीय अधिकारी विवेक कुमार लखनपाल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। मंदिर न्यास तलाई के सहायक अभियंता एवं मंदिर प्रभारी विजय ठाकुर ने बताया कि 11 फरवरी को डीसी की अध्यक्षता में चैत्र मास मेले की बैठक हुई थी। बैठक में हुए निर्णयों और आदेशों की प्रतियां सभी संबंधित विभागों को समय पर भेज दी गई थीं, ताकि मेला शुरू होने से पहले कार्य पूरा हो सके।
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फरवरी में चैत्र मास मेले की बैठक में डीसी ने दिए थे निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई(बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि शाहतलाई के मुख्य चौक की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए प्रशासनिक निर्देश करीब पांच माह बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। फरवरी में चैत्र मास मेले की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक बिलासपुर को मेला शुरू होने से पहले मुख्य चौक पर एचआरटीसी और निजी बसों की समयसारिणी का साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। मेला खत्म होने के बाद भी बोर्ड नहीं लग पाया है।
प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को बसों के आवागमन की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ मुख्य चौक पर बसों के अनावश्यक ठहराव को रोकना था। बोर्ड नहीं होने के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बसों के समय की जानकारी के लिए चालकों या स्थानीय लोगों से पूछताछ करनी पड़ती है। वहीं, कई बार बसें निर्धारित समय से अधिक देर तक चौक पर खड़ी रहने से यातायात प्रभावित होता है। शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर मुख्य चौक पर जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार बसों के ठहराव और समय सारिणी को लेकर कई बार एचआरटीसी और निजी बस कर्मचारियों के बीच बहसबाजी भी हो जाती है। लोगों का कहना है कि समय सारिणी बोर्ड लगाने और बसों के लिए निर्धारित ठहराव व्यवस्था लागू करने से समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। उपायुक्त ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच करवाई जाएगी कि निर्देश जारी होने के बावजूद संबंधित विभागों ने समय सारिणी का बोर्ड क्यों नहीं लगाया। एचआरटीसी बिलासपुर के मंडलीय अधिकारी विवेक कुमार लखनपाल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। मंदिर न्यास तलाई के सहायक अभियंता एवं मंदिर प्रभारी विजय ठाकुर ने बताया कि 11 फरवरी को डीसी की अध्यक्षता में चैत्र मास मेले की बैठक हुई थी। बैठक में हुए निर्णयों और आदेशों की प्रतियां सभी संबंधित विभागों को समय पर भेज दी गई थीं, ताकि मेला शुरू होने से पहले कार्य पूरा हो सके।
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