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Bilaspur News: फोरलेन में मुआवजा बांटने के बाद भी खड़ा है मकान

Thu, 13 Nov 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 13 Nov 2025 11:34 PM IST
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Even after distributing compensation in the four lane, the house is still standing
गूगल इमेज में 12 साल बाद भी दिखा वही ढांचा, विद्युत मीटर आज तक डिस्कनेक्ट नहीं
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शिकायत के बाद एसडीएम घुमारवीं ने एनएचएआई से तलब की संयुक्त जांच रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद रोहिण गांव में एक मकान के मौजूद होने से विवाद गहराता जा रहा है। मुआवजा बांटने के करीब तीन साल बाद भी मकान न हटने पर एडीएम घुमारवीं ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

एसडीएम को दी गई शिकायत में बताया गया है कि उक्त मकान एनएचएआई के राइट ऑफ वे भूमि पर आने के बावजूद अब भी यथास्थान खड़ा है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में मकान आज भी मौजूद है। मकान को गिराने के बजाय उसके ढांचे को थोड़ा बदलकर नया रूप दे दिया गया, ताकि यह नया निर्माण लगे और अवैध कब्जे पर पर्दा डाला जा सके। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के अनुसार यह मकान केंद्र सरकार के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में गैर-मुमकिन मकान के रूप में दर्ज है। 2002 में लगाए गए विद्युत मीटर को आज तक डिस्कनेक्ट नहीं किया गया, जो यह साबित करता है कि मकान को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया गया है। यदि मकान गिराया गया होता तो विद्युत आपूर्ति समाप्त कर मीटर डिस्कनेक्ट किया जाना स्वाभाविक था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मामले में मकान मालिक ने दावा किया था कि एनएचएआई ने पहले मकान गिराया और बाद में उसने स्वयं नया मकान बनाकर मीटर को अस्थायी शेड में स्थानांतरित करवाया। इस पर विद्युत बोर्ड ने स्पष्ट किया कि मीटर को कभी शिफ्ट नहीं किया गया और न ही इस संबंध में कोई विभागीय अनुमति या प्रक्रिया पूरी की गई। बोर्ड ने इन बयानों को काल्पनिक और गलत बताया है। शिकायतकर्ता ने साक्ष्य के तौर पर गूगल मैप की 2013 और 2025 की सैटेलाइट इमेज भी प्रस्तुत की हैं, जिनमें संबंधित मकान उसी स्थान पर और उसी संरचना में दिखाई दे रहा है। यह दृश्य प्रमाण फोरलेन क्षेत्र में अवैध निर्माण के आरोप को और मजबूत बनाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने तहसीलदार, भू-अर्जन अधिकारी (एनएचएआई) बिलासपुर और परियोजना निदेशक एनएचएआई मंडी को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करने और वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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