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Bilaspur News: प्राचीन सदाशिव मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्थापना
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंजगाईं पंचायत के टिकरी गांव में द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापना कार्यक्रम की धूम रही। चार दिनों से आयोजित किए जा रहे धार्मिक अनुष्ठान के तहत शुक्रवार को अंतिम दिन शोभा यात्रा निकाली गई।
दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ पंजगाईं, रोपा, धौनकोठी, सोलग, रानीकोटला व जब्बल होते हुए शोभा यात्रा में शामिल सैकड़ों लोग तीर्थ स्थल मार्कंडेय पहुंचे। वहां मूर्तियों को पवित्र स्नान कराने के बाद पूजा-अर्चना की गई। मार्कंडेय के बाद घागस और बैरी होते हुए शोभा यात्रा वापस टिक्करी में सदाशिव मंदिर में पहुंची। इस दौरान भजन-कीर्तन से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। उसके बाद विधिवत तरीके से पूजा-अर्चना के साथ प्राण प्रतिष्ठा की रस्में पूरी की गईं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने बताया कि ज्योतिर्लिंग स्थापना से पहले जल, पुष्प, वनस्पति और अनाज स्नान करवाया गया। उसके बाद वस्त्र धारण करवाए गए। शाम के समय भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में शिव भक्तों ने प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया।
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बिलासपुर। पंजगाईं पंचायत के टिकरी गांव में द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापना कार्यक्रम की धूम रही। चार दिनों से आयोजित किए जा रहे धार्मिक अनुष्ठान के तहत शुक्रवार को अंतिम दिन शोभा यात्रा निकाली गई।
दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ पंजगाईं, रोपा, धौनकोठी, सोलग, रानीकोटला व जब्बल होते हुए शोभा यात्रा में शामिल सैकड़ों लोग तीर्थ स्थल मार्कंडेय पहुंचे। वहां मूर्तियों को पवित्र स्नान कराने के बाद पूजा-अर्चना की गई। मार्कंडेय के बाद घागस और बैरी होते हुए शोभा यात्रा वापस टिक्करी में सदाशिव मंदिर में पहुंची। इस दौरान भजन-कीर्तन से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। उसके बाद विधिवत तरीके से पूजा-अर्चना के साथ प्राण प्रतिष्ठा की रस्में पूरी की गईं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने बताया कि ज्योतिर्लिंग स्थापना से पहले जल, पुष्प, वनस्पति और अनाज स्नान करवाया गया। उसके बाद वस्त्र धारण करवाए गए। शाम के समय भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में शिव भक्तों ने प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया।
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