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Bilaspur News: नगर परिषद घुमारवीं में पर्यावरण संरक्षण नियमों की उड़ रही धज्जियां
Sat, 06 Jun 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:43 PM IST
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घुमारवीं में खुले में जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद
शहर के बीचों बीच दिनदहाड़े खुले में जल रहे कूड़े का ढेर
पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। एक तरफ पूरे देश में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े दावे और जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद घुमारवीं में इन दावों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर के बीचों बीच दिनदहाड़े खुले में कूड़े के ढेर जलाए जा रहे हैं, जिससे जहरीला धुआं फैल रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल उस पार्किंग भवन के पास चल रहा है, जिसका निर्माण करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और जिसका उद्घाटन करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने किया था। जिस पार्किंग से लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी, उसकी सबसे निचली मंजिल को अब कूड़े की डंपिंग साइट में तब्दील कर दिया गया है। यही नहीं, इसी स्थान पर कूड़े को खुलेआम जलाकर वातावरण में जहर घोला जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से शहर से सूखा कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी चरमरा गई है। कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ी कई क्षेत्रों में नहीं पहुंच रही, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर एकत्रित कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के बजाय उसे आग के हवाले किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह भी है कि जब मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से इस संबंध में सवाल पूछा जाता है तो वे ठेकेदार का नाम लेकर साफ कहते हैं कि उन्हें यहीं कूड़ा जलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार लोग नियम-कायदों को ताक पर रखकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। विडंबना यह है कि यह पूरा मामला नगर परिषद कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर हो रहा है। इसी दायरे में उपमंडलीय अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, रोजगार कार्यालय और वेलफेयर विभाग के कार्यालय भी स्थित हैं, लेकिन प्रशासनिक तंत्र की आंखों के सामने चल रहे इस पर्यावरणीय अपराध पर कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही।
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कोट
कूड़े को जलाए जाने के खिलाफ ठेकेदार को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन अगर फिर भी खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है तो संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ जो खुले में कूड़ा जला रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं
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पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। एक तरफ पूरे देश में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े दावे और जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद घुमारवीं में इन दावों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर के बीचों बीच दिनदहाड़े खुले में कूड़े के ढेर जलाए जा रहे हैं, जिससे जहरीला धुआं फैल रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल उस पार्किंग भवन के पास चल रहा है, जिसका निर्माण करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और जिसका उद्घाटन करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने किया था। जिस पार्किंग से लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी, उसकी सबसे निचली मंजिल को अब कूड़े की डंपिंग साइट में तब्दील कर दिया गया है। यही नहीं, इसी स्थान पर कूड़े को खुलेआम जलाकर वातावरण में जहर घोला जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से शहर से सूखा कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी चरमरा गई है। कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ी कई क्षेत्रों में नहीं पहुंच रही, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर एकत्रित कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के बजाय उसे आग के हवाले किया जा रहा है।
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हैरानी की बात यह भी है कि जब मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से इस संबंध में सवाल पूछा जाता है तो वे ठेकेदार का नाम लेकर साफ कहते हैं कि उन्हें यहीं कूड़ा जलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार लोग नियम-कायदों को ताक पर रखकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। विडंबना यह है कि यह पूरा मामला नगर परिषद कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर हो रहा है। इसी दायरे में उपमंडलीय अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, रोजगार कार्यालय और वेलफेयर विभाग के कार्यालय भी स्थित हैं, लेकिन प्रशासनिक तंत्र की आंखों के सामने चल रहे इस पर्यावरणीय अपराध पर कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही।
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कूड़े को जलाए जाने के खिलाफ ठेकेदार को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन अगर फिर भी खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है तो संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ जो खुले में कूड़ा जला रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं