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Bilaspur News: सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम, चुवाड़ी स्कूल बना ग्रामीण बच्चों की नई पहचान
Sun, 11 Jan 2026 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:27 PM IST
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राजकीय उच्च पाठशाला चुवाड़ी में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका। स्रोत: डीपीआरओ
राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी में स्मार्ट सुविधाओं के साथ मिल रही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा
अभिभावकों का सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की सुविधा शुरू होने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने का सपना साकार हो रहा है। इसका जीवंत उदाहरण घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत दकड़ी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी है, जहां बच्चों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है।
विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट सुविधा, आधुनिक पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंग्रेजी माध्यम शुरू होने से जहां विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है। निजी विद्यालयों की महंगी फीस से राहत पाकर अब अभिभावक सरकारी स्कूलों को बेहतर विकल्प मानने लगे हैं। राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी में बच्चों को न केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित शिक्षा दी जा रही है, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से भी जोड़ा जा रहा है। अंग्रेजी माध्यम का विकल्प मिलने से ग्रामीण बच्चों को प्रतिस्पर्धी दौर के लिए तैयार किया जा रहा है। अभिभावक अनीता, अनु शर्मा और माला शर्मा का कहना है कि उनके बच्चे पिछले दो-तीन वर्षों से इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनके अनुसार स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट, पुस्तकालय और खेलकूद की बेहतर सुविधाएं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बच्चे घर के पास ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं अब सरकारी स्कूल में मिलने से आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ है। विद्यालय की मुख्याध्यापिका भावना ने बताया कि बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। विद्यालय पूरी तरह डिजिटल मोड पर कार्य कर रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू कर प्रदेश सरकार ने अपनी एक अहम गारंटी पूरी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। अंग्रेजी माध्यम की सुविधा उसी दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है।
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अभिभावकों का सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की सुविधा शुरू होने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने का सपना साकार हो रहा है। इसका जीवंत उदाहरण घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत दकड़ी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी है, जहां बच्चों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है।
विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट सुविधा, आधुनिक पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंग्रेजी माध्यम शुरू होने से जहां विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है। निजी विद्यालयों की महंगी फीस से राहत पाकर अब अभिभावक सरकारी स्कूलों को बेहतर विकल्प मानने लगे हैं। राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी में बच्चों को न केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित शिक्षा दी जा रही है, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से भी जोड़ा जा रहा है। अंग्रेजी माध्यम का विकल्प मिलने से ग्रामीण बच्चों को प्रतिस्पर्धी दौर के लिए तैयार किया जा रहा है। अभिभावक अनीता, अनु शर्मा और माला शर्मा का कहना है कि उनके बच्चे पिछले दो-तीन वर्षों से इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनके अनुसार स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट, पुस्तकालय और खेलकूद की बेहतर सुविधाएं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बच्चे घर के पास ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं अब सरकारी स्कूल में मिलने से आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ है। विद्यालय की मुख्याध्यापिका भावना ने बताया कि बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। विद्यालय पूरी तरह डिजिटल मोड पर कार्य कर रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू कर प्रदेश सरकार ने अपनी एक अहम गारंटी पूरी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। अंग्रेजी माध्यम की सुविधा उसी दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है।
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