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न माह का वेतन न मिलने पर गरजे रेलवे मजदूर

Sat, 15 Feb 2020 10:27 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 10:27 PM IST
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नयनादेवी के समीप झीड़ा में धरना प्रदर्शन करते भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे लाइन के मजदूर। - फोटो : BILASPUR
स्वारघाट(बिलासपुर)। प्रदेश की महत्वाकांक्षी रेल परियोजना भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे लाइन के निर्माण कार्य में लगे 40 से 50 मजदूरों को पिछले तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं होने पर मजदूरों ने रेलवे विभाग के ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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शुक्रवार देर शाम एटक यूनियन के बैनर तले भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे निर्माण वर्कर यूनियन के मजदूरों ने नयना देवी के समीपवर्ती झिड़ा स्थान पर रेलवे विभाग व ठेकेदार के खिलाफ करीब तीन घंटे तक धरना और प्रदर्शन किया और रेलवे विभाग व ठेकेदार को सात दिन के भीतर वेतन का भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया है। बकाया वेतन का भुगतान न होने की स्थिति में यूनियन ने रेलवे का निर्माण कार्य बंद करने को चेताया है जिसकी सारी जिम्मेवारी रेलवे विभाग की होगी।
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यह धरना प्रदर्शन एटक यूनियन के जिला सलाहकार भाग सिंह चौधरी व महासचिव कर्मचंद की अगुवाई में किया गया जिसमें भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे निर्माण वर्कर यूनियन के प्रधान प्रदीप कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान मांगू राम, उपप्रधान रामपाल, महासचिव बिट्टू राम, सचिव पोला सिंह, कोषाध्यक्ष कुलविंद्र सिंह, प्रेस सचिव दिनेश कुमार, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता सुरेश चौधरी सहित करीब 50 मजदूरों ने भाग लिया। एटक यूनियन के जिला सलाहकार भाग सिंह चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि इस रेलवे परियोजना में रेलवे विभाग ने निर्माण कार्य का जिम्मा कंपनी को सौंपा है लेकिन कंपनी की ओर से यह कार्य आगे ठेकेदारों को सौंपा गया है जोकि श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और मजदूरों का शोषण कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कांगूवाली (कोट) में कार्यरत करीब 50 से 55 मजदूरों को ठेकेदार द्वारा तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे मजदूरों को कमरतोड़ महंगाई में अपने परिवार का पालन-पोषण करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार न देकर बाहरी राज्यों के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है जिसके चलते स्थानीय बेरोजगार लोगों व युवाओं को रोजगार के लिए बाहरी राज्यों या विदेशों का रुख करना पड़ रहा है और परियोजना में बाहरी राज्यों की मशीनरी लगाई जा रही है। कहा कि अगर जल्द मजदूरों का वेतन नहीं दिया गया तो मजदूर बड़े आंदोलन का रुख करेंगे।
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