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सुनवाई के लिए पहुंचे कामगार को यूपीएल प्रबंधन ने पीटा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बरमाणा(बिलासपुर)।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:45 PM IST
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कोलबांध विस्थापितों और प्रबंधन में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को श्रम निरीक्षण के यहां कामगारों को निकालने के मामले की सुनवाई के दौरान यूपीएल प्रबंधक पर मजदूर से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मजदूरों ने इस संबंध में पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है।
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दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि वो बिलासपुर श्रम रोजगार कार्यालय में अपनी पेशी पर आया था और अन्य कर्मचारी भी वहां उनके साथ थे। दीपक कुमार ने कहा की वो श्रम निरीक्षक के कमरे से बाहर खड़े थे कि तभी यूपीएल के मैनेजर श्रम निरीक्षक के कमरे से बाहर आया और गला पकड़कर उससे मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि मैनेजर ने धमकी भी दी कि जहां से मैं आता हूं वहां तेरे जैसों का पता भी नहीं चलता। दीपक ने कहा कि वहां मौजूद सभी कर्मचारियों ने उसे बड़ी मुश्किल से छुड़ाया। इसके बाद कहीं जा कर मामला शांत हुआ।
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दीपक कुमार ने सदर थाना प्रभारी को शिकायत पत्र के माध्यम से अवगत करवाया कि उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि मारपीट के दौरान कर्मचारी मुखत्यार, आशीष और जसपाल मौके पर मौजूद थे।
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कोलडैम वर्कर यूनियन के कानूनी सलाहकार सुमन ठाकुर ने कहा कि पहले तो यूपीएल और ठेकेदार एनटीपीसी के इशारे पर कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे थे। मगर अब उनकी जान लेने पर ही उतारू हो चुके हैं।
62 कामगारों को निकाला जा चुका है बाहर
कोल बांध परियोजना में हड़ताल खत्म होने के बाद समझौत को दरकिनार करते हुए कंपनी ने करीब 62 कामगारों को बाहर निकाल दिया है। इससे विस्थापितों और कंपनी के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर तीन पंचायतों के ग्रामीणों ने महापंचायत बुलाकर कंपनी और प्रशासन को चेतावनी भी जारी की थी। मगर कंपनी की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
शहरी चौकी प्रभारी पदम ने बताया कि कामगार ने श्रम निरीक्षण कार्यालय में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की लिखित शिकायत मिली है। इसकी छानबीन की जा रही है।