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चार साल से नहीं हुआ टीए और मेडिकल बिलों का भुगतान
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:04 PM IST
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घुमारवीं (बिलासपुर)। पीडब्ल्यूडी विभाग मंडल घुमारवीं में कार्यरत कर्मचारियों को 2011 से 2015 तक टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हुआ है।
इस पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ घुमारवीं ब्लॉक तल्ख हो गया है। महासंघ ने चेताया है कि यदि जल्द टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान करने में किसी प्रकार की कोई हेराफेरी हुई तो विभाग को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जल्द ही इसकी छानबीन को लेकर लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता घुमारवीं को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महासंघ घुमारवीं के प्रधान तिलकराज शर्मा, महासचिव सुरेश चंदेल, वरिष्ठ उपप्रधान रामपाल शर्मा, उपप्रधान संजीव शर्मा, दाता राम, प्यारेलाल व मुख्य सलाहकार सतीश कुमार गौतम का कहना है कि पीडब्ल्यूडी में इस समय तक करीब 50 लाख रुपये तक के टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों को इतने लंबे समय से टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान न होने को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि क्लास-4 कर्मचारी व क्लास-3 कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए काफी वर्ष पहले योजना चलाई गई थी, लेकिन इन कर्मचारियों को 4-5 साल बीत जाने के बाद भी टीए व मेडिकल बिलों से वंचित किया गया है। हालांकि विभाग के अधिकारियों को टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान शीघ्र कर दिया जाता है। टीए व मेडिकल बिलों के भुगतान में भेदभाव किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों के तो 12, 13 व 14 तक के टीए बिलों का भुगतान कर दिया गया है व 12 तक मेडिकल बिलों का भुगतान गिने चुने कर्मचारियों का कर दिया गया है, लेकिन फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है।
इस पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ घुमारवीं ब्लॉक तल्ख हो गया है। महासंघ ने चेताया है कि यदि जल्द टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान करने में किसी प्रकार की कोई हेराफेरी हुई तो विभाग को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जल्द ही इसकी छानबीन को लेकर लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता घुमारवीं को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महासंघ घुमारवीं के प्रधान तिलकराज शर्मा, महासचिव सुरेश चंदेल, वरिष्ठ उपप्रधान रामपाल शर्मा, उपप्रधान संजीव शर्मा, दाता राम, प्यारेलाल व मुख्य सलाहकार सतीश कुमार गौतम का कहना है कि पीडब्ल्यूडी में इस समय तक करीब 50 लाख रुपये तक के टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों को इतने लंबे समय से टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान न होने को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि क्लास-4 कर्मचारी व क्लास-3 कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए काफी वर्ष पहले योजना चलाई गई थी, लेकिन इन कर्मचारियों को 4-5 साल बीत जाने के बाद भी टीए व मेडिकल बिलों से वंचित किया गया है। हालांकि विभाग के अधिकारियों को टीए व मेडिकल बिलों का भुगतान शीघ्र कर दिया जाता है। टीए व मेडिकल बिलों के भुगतान में भेदभाव किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों के तो 12, 13 व 14 तक के टीए बिलों का भुगतान कर दिया गया है व 12 तक मेडिकल बिलों का भुगतान गिने चुने कर्मचारियों का कर दिया गया है, लेकिन फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है।