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Bilaspur News: शिमला में दो सितंबर को बिजली कर्मचारियों का हल्लाबोल, घुमारवीं में बनाई रणनीति
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हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड डिविजन घुमारवीं कार्यालय में यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक
हड़ताल और विधानसभा घेराव की तैयारियां तेज, पुरानी पेंशन बहाली समेत 11 मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी
जिला प्रधान ने कर्मचारियों से भारी संख्या में शिमला पहुंचने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्प्लाइज यूनियन ने दो सितंबर को प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय हड़ताल और विधानसभा घेराव को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (एचपीएसईबीएल) डिविजन घुमारवीं कार्यालय में यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला बिलासपुर प्रधान एवं राज्य मुख्य सलाहकार यशवंत चौहान बिट्टू ने की। बैठक में आंदोलन की तैयारियों और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
यशवंत चौहान ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर यूनियन लंबे समय से सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष आवाज उठा रही है। मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर दो सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में शिमला पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करना, मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को लागू करना, पदोन्नति पर पहले की तरह कैडर-कंट्रोलिंग अथॉरिटी बनाए रखना, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाना, सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध भुगतान करना, ताज मोहम्मद मामले में उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करना, स्मार्ट मीटर नीति की समीक्षा करना, नॉन-आईटीआई फील्ड स्टाफ की पदोन्नति में भेदभाव समाप्त करना, विद्युत मंडल पांगी और शिमला-2 में एएलएम-एलएम पदों का सृजन करना शामिल है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मांग-पत्र पहले ही हिमाचल प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के शीर्ष प्रबंधन को सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते दो सितंबर को प्रदेश स्तरीय हड़ताल और विधानसभा घेराव का निर्णय लिया गया है। यूनियन के अनुसार प्रदेशभर से हजारों बिजली कर्मचारी और पेंशनर शिमला पहुंचकर अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। बिलासपुर जिला इकाई ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सेक्शन, डिवीजन और सब-डिवीजन स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। यूनियन पदाधिकारी कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन के उद्देश्य और मांगों की जानकारी दे रहे हैं। यशवंत चौहान ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के लिए एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिलासपुर जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर दो सितंबर को शिमला पहुंचकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन को मजबूती प्रदान करेंगे। बैठक में यूनिट घुमारवीं के प्रधान अमन कुमार, सचिव राजेश कुमार सहित यूनियन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। डिवीजन घुमारवीं के एक्सईएन करण चंदेल भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिलासपुर यूनिट की ओर से संयुक्त सचिव जोगिंद्र डोगरा, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेंद्र चौधरी, देश राज, शशि, भूमि चंद, विजय, आदर्श और महिला टीम से अनसूया समेत अन्य यूनियन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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जिला प्रधान ने कर्मचारियों से भारी संख्या में शिमला पहुंचने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्प्लाइज यूनियन ने दो सितंबर को प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय हड़ताल और विधानसभा घेराव को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (एचपीएसईबीएल) डिविजन घुमारवीं कार्यालय में यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला बिलासपुर प्रधान एवं राज्य मुख्य सलाहकार यशवंत चौहान बिट्टू ने की। बैठक में आंदोलन की तैयारियों और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
यशवंत चौहान ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर यूनियन लंबे समय से सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष आवाज उठा रही है। मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर दो सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में शिमला पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करना, मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को लागू करना, पदोन्नति पर पहले की तरह कैडर-कंट्रोलिंग अथॉरिटी बनाए रखना, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाना, सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध भुगतान करना, ताज मोहम्मद मामले में उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करना, स्मार्ट मीटर नीति की समीक्षा करना, नॉन-आईटीआई फील्ड स्टाफ की पदोन्नति में भेदभाव समाप्त करना, विद्युत मंडल पांगी और शिमला-2 में एएलएम-एलएम पदों का सृजन करना शामिल है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मांग-पत्र पहले ही हिमाचल प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के शीर्ष प्रबंधन को सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते दो सितंबर को प्रदेश स्तरीय हड़ताल और विधानसभा घेराव का निर्णय लिया गया है। यूनियन के अनुसार प्रदेशभर से हजारों बिजली कर्मचारी और पेंशनर शिमला पहुंचकर अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। बिलासपुर जिला इकाई ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सेक्शन, डिवीजन और सब-डिवीजन स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। यूनियन पदाधिकारी कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन के उद्देश्य और मांगों की जानकारी दे रहे हैं। यशवंत चौहान ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के लिए एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिलासपुर जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर दो सितंबर को शिमला पहुंचकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन को मजबूती प्रदान करेंगे। बैठक में यूनिट घुमारवीं के प्रधान अमन कुमार, सचिव राजेश कुमार सहित यूनियन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। डिवीजन घुमारवीं के एक्सईएन करण चंदेल भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिलासपुर यूनिट की ओर से संयुक्त सचिव जोगिंद्र डोगरा, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेंद्र चौधरी, देश राज, शशि, भूमि चंद, विजय, आदर्श और महिला टीम से अनसूया समेत अन्य यूनियन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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