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कई पंचायतों में बिना मतदान मायूस लौटे मतदाता
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बरठीं (बिलासपुर)। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आई हैं। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में वोट डालने वाले सैकड़ों मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले। झंडूता विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों में यही तस्वीर देखने को मिली। इसके अलावा नाम में भी बड़े स्तर पर गलतियां सामने आईं। इसके चलते सैकड़ों मतदाता वोट करने से वंचित रह गए। इससे मतदाताओं में भारी रोष देखने को मिला।
विधानसभा क्षेत्र झंडूता की बड़गांव, बरठीं, सुनहाणी, बलोह, छत, कोटलु, ब्राह्मणा, पपलाह, करलोटी, कपाहड़ा सहित अन्य पंचायतों में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटने की शिकायत निर्वाचन अधिकारी से क। उन्होंने जवाब दिया कि पंचायत चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों के पुनर्निरीक्षण का काम उन्होंने पंचायत सचिवों को दिया था। उन्होंने लिस्टें पंचायत घरों में लगाई थीं। ऐसे में लोगों को अपने नाम को लेकर सजग रहना चाहिए था। हालांकि बड़ा सवाल यह रहा कि फिर बीएलओ व निर्वाचन आयोग की मशीनरी की क्या जिम्मेदारी है। क्या राज्य निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग की सूची के आधार पर नाम दर्ज नहीं कर सकता था। लोगों के पास वोटर कार्ड होने के बाद भी वे वोट नहीं कर पाए।
क्षेत्र के मतदाताओं प्रवीण कुमार, कमलेश कुमारी, रीना कुमारी, रीता देवी, कंचन देवी, अमन, एकता, मनोज कुमार, कुमारी सोनू, समीना, अंकित कुमार, दिव्या गौतम, उत्तरा रानी, नसीमा देवी, नवीन कुमार, जरीना, शिवानी, सुमित कुमार, मीना कुमारी, रवि कुमार, दीपा कुमारी, विनय कुमार, ज्योति, शशि बाला, अरुण कुमार, अनीता देवी, रीना कुमारी, सुंदर सिंह, बीना देवी व सुरेश कुमार सहित अन्य मतदाता लिस्ट में अपना नाम खोजते रहे। लेकिन नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले। इन लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त कर निर्वाचन आयोग में शिकायत की बात कही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कई ऐसे लोग भी हैं जिनके आधे परिवार का नाम लिस्ट में है और आधे का नहीं। इसके अलावा टिहरा, रडोह, गटी, बड़गांव, खिल, बंगियारिया, री फटोह सहित अन्य कई जगहों पर भी कई लोग बिना वोट डाले बैरंग लौटे। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे लोकसभा व विधानसभा चुनाव में मतदान कर चुके हैं। इसी तरह अन्य पंचायतों में भी मतदाता वोट डालने के लिए अपने नाम लिस्ट में खोजते रहे। उधर, ग्राम पंचायत बड़गांव के सचिव ब्रह्मदत्त ने बताया कि मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने हेतु लिस्टों को पंचायत घर के बाहर लगाया गया था। उन्होंने 70 नए लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया है। इसके बावजूद कुछ लोग पंचायत घर में आए ही नहीं।
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विधानसभा क्षेत्र झंडूता की बड़गांव, बरठीं, सुनहाणी, बलोह, छत, कोटलु, ब्राह्मणा, पपलाह, करलोटी, कपाहड़ा सहित अन्य पंचायतों में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटने की शिकायत निर्वाचन अधिकारी से क। उन्होंने जवाब दिया कि पंचायत चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों के पुनर्निरीक्षण का काम उन्होंने पंचायत सचिवों को दिया था। उन्होंने लिस्टें पंचायत घरों में लगाई थीं। ऐसे में लोगों को अपने नाम को लेकर सजग रहना चाहिए था। हालांकि बड़ा सवाल यह रहा कि फिर बीएलओ व निर्वाचन आयोग की मशीनरी की क्या जिम्मेदारी है। क्या राज्य निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग की सूची के आधार पर नाम दर्ज नहीं कर सकता था। लोगों के पास वोटर कार्ड होने के बाद भी वे वोट नहीं कर पाए।
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क्षेत्र के मतदाताओं प्रवीण कुमार, कमलेश कुमारी, रीना कुमारी, रीता देवी, कंचन देवी, अमन, एकता, मनोज कुमार, कुमारी सोनू, समीना, अंकित कुमार, दिव्या गौतम, उत्तरा रानी, नसीमा देवी, नवीन कुमार, जरीना, शिवानी, सुमित कुमार, मीना कुमारी, रवि कुमार, दीपा कुमारी, विनय कुमार, ज्योति, शशि बाला, अरुण कुमार, अनीता देवी, रीना कुमारी, सुंदर सिंह, बीना देवी व सुरेश कुमार सहित अन्य मतदाता लिस्ट में अपना नाम खोजते रहे। लेकिन नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले। इन लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त कर निर्वाचन आयोग में शिकायत की बात कही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कई ऐसे लोग भी हैं जिनके आधे परिवार का नाम लिस्ट में है और आधे का नहीं। इसके अलावा टिहरा, रडोह, गटी, बड़गांव, खिल, बंगियारिया, री फटोह सहित अन्य कई जगहों पर भी कई लोग बिना वोट डाले बैरंग लौटे। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे लोकसभा व विधानसभा चुनाव में मतदान कर चुके हैं। इसी तरह अन्य पंचायतों में भी मतदाता वोट डालने के लिए अपने नाम लिस्ट में खोजते रहे। उधर, ग्राम पंचायत बड़गांव के सचिव ब्रह्मदत्त ने बताया कि मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने हेतु लिस्टों को पंचायत घर के बाहर लगाया गया था। उन्होंने 70 नए लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया है। इसके बावजूद कुछ लोग पंचायत घर में आए ही नहीं।
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