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रास्ता बनाने का जो वादा करेगा, उसी को देंगे वोट
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झंडूता (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलघाड़ के पराहू गांव के दो परिवार रास्ते के लिए तरस रहे हैं। ये परिवार आज भी पंचायत की अनदेखी से सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। करीब 60 साल से यह परिवार जंगल में मिली जमीन में बसे हुए हैं।
हैरानी की बात है कि आज तक इन्हें रास्ते तक की सुविधा नहीं मिली है। सड़क से घर तक करीब तीन सौ मीटर तक रास्ते का निर्माण होना है। परिवार में करीब एक दर्जन वोटर हैं। परिवार के मुखिया होशियार सिंह ने बताया कि पंचायत में कई बार दुखड़ा रोया। लेकिन किसी ने भी उनकी सुनाई नहीं की। बताया कि परिवार में कोई बीमार पड़ जाए तो उसे पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बच्चों को स्कूल भेजने में जंगली जानवरों का डर लगा रहता है।
उन्होंने बताया कि जो उम्मीदवार घर तक रास्ते का निर्माण करने का वादा करेगा उसी को वोट देंगे, वरना इस बार मत का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं ग्राम पंचायत बलघाड़ की निवर्तमान प्रधान रचना ठाकुर ने बताया कि यह परिवार जंगल के बीच बसे हैं। रास्ते के निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी होता है, बिना अनुमति रास्ते का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है।
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हैरानी की बात है कि आज तक इन्हें रास्ते तक की सुविधा नहीं मिली है। सड़क से घर तक करीब तीन सौ मीटर तक रास्ते का निर्माण होना है। परिवार में करीब एक दर्जन वोटर हैं। परिवार के मुखिया होशियार सिंह ने बताया कि पंचायत में कई बार दुखड़ा रोया। लेकिन किसी ने भी उनकी सुनाई नहीं की। बताया कि परिवार में कोई बीमार पड़ जाए तो उसे पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बच्चों को स्कूल भेजने में जंगली जानवरों का डर लगा रहता है।
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उन्होंने बताया कि जो उम्मीदवार घर तक रास्ते का निर्माण करने का वादा करेगा उसी को वोट देंगे, वरना इस बार मत का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं ग्राम पंचायत बलघाड़ की निवर्तमान प्रधान रचना ठाकुर ने बताया कि यह परिवार जंगल के बीच बसे हैं। रास्ते के निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी होता है, बिना अनुमति रास्ते का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है।
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