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जो बंदरों और बेसहारा पशुओं से दिलाएगा छुटकारा, वोट उसी को हमारा
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शाहतलाई में दिन को सड़क पर घूमते बेसहारा पशु, जो रात को किसानों के खेतों में फसल उजाड़ते हैं।
- फोटो : BILASPUR
शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई क्षेत्र के लोगों की आवाज जो बंदरों और बेसहारा पशुओं से दिलाएगा छुटकारा, उसी को जाएगा वोट हमारा। तलाई और साथ लगते क्षेत्रों के वोटरों ने यह निर्णय लिया है।
बाबा बालकनाथ की तपोभूमि नगर पंचायत तलाई और इसके साथ लगती नघ्यार, झबोला, दसलेहड़ा, भड़ोली कलां सहित अन्य पंचायतों के किसान बंदरों व बेसहारा पशुओं की ओर से किए जा रहे फसलों के नुकसान से परेशान हैं।
फसलों के नुकसान से परेशान होकर अधिकांश क्षेत्रों में किसानों ने भूमि उपजाऊ होने के बावजूद खेतीबाड़ी नहीं करने का मन बना लिया है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर साल बंदरों व बेसहारा पशुओं की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। इसके चलते फसल का 10 फीसदी हिस्सा भी घर नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों का कहना है कि दिन के समय बंदरों का पहरा करना पड़ता है। जबकि रात को बेसहारा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं। किसानों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार आवाज उठाई, लेकिन किसी भी नेता ने समस्या से छुटकारा नहीं दिलाया।
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इसके चलते क्षेत्र के किसानों ने इस बार पंचायत चुनावों में मन बनाया है कि जो प्रत्याशी बंदरों और बेसहारा पशुओं से छुटकारा दिलाने का वादा करेगा वोट उसी को देंगे।
उधर, नगर पंचायत तलाई के निवर्तमान अध्यक्ष बलदेव सिंह स्याल ने बताया कि तलाई में बेसहारा पशुओं के लिए वार्ड एक में जगह चिह्ति करके उसकी चारदीवारी करने का कार्य चलाया हुआ था। लेकिन कुछ अरसे से अब यह कार्य बंद है।
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बाबा बालकनाथ की तपोभूमि नगर पंचायत तलाई और इसके साथ लगती नघ्यार, झबोला, दसलेहड़ा, भड़ोली कलां सहित अन्य पंचायतों के किसान बंदरों व बेसहारा पशुओं की ओर से किए जा रहे फसलों के नुकसान से परेशान हैं।
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फसलों के नुकसान से परेशान होकर अधिकांश क्षेत्रों में किसानों ने भूमि उपजाऊ होने के बावजूद खेतीबाड़ी नहीं करने का मन बना लिया है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर साल बंदरों व बेसहारा पशुओं की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। इसके चलते फसल का 10 फीसदी हिस्सा भी घर नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों का कहना है कि दिन के समय बंदरों का पहरा करना पड़ता है। जबकि रात को बेसहारा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं। किसानों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार आवाज उठाई, लेकिन किसी भी नेता ने समस्या से छुटकारा नहीं दिलाया।
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इसके चलते क्षेत्र के किसानों ने इस बार पंचायत चुनावों में मन बनाया है कि जो प्रत्याशी बंदरों और बेसहारा पशुओं से छुटकारा दिलाने का वादा करेगा वोट उसी को देंगे।
उधर, नगर पंचायत तलाई के निवर्तमान अध्यक्ष बलदेव सिंह स्याल ने बताया कि तलाई में बेसहारा पशुओं के लिए वार्ड एक में जगह चिह्ति करके उसकी चारदीवारी करने का कार्य चलाया हुआ था। लेकिन कुछ अरसे से अब यह कार्य बंद है।