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सशक्त नारी बनती है सशक्त देश का आधार : भागमल
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डीएवी बिलासपुर में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि के साथ छात्राएं।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। एक शिक्षित महिला सशक्त देश का आधार होती है। इसलिए आज के समय में बेटी का पढ़ा लिखा और सशक्त होना अति आवश्यक है। जब बेटी पढ़ी लिखी और आत्मनिर्भर होगी तो आने वाली पीढ़ी पर इसका बेहतर प्रभाव पढ़ेगा। यह बात डीएवी स्कूल बिलासपुर में एएसपी भागमल ठाकुर ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिसे कोई नहीं जीत सके वही अपराजिता कहलाएगी।
एएसपी ने कहा कि बेटियां खुद को इतना सशक्त करें कि कोई उन्हें हरा न सके। बेटी के पैदा होने से लेकर उसकी उम्र के हर पड़ाव के लिए सरकार ने कई तरह के सुरक्षा संबंधी कानून बनाए हैं। कई तरह की हेल्पलाइन शुरू की गईं हैं जिनके जरिए आज की बेटी हर जगह खुद को सुरक्षित महसूस करती है।
उन्होंने वूमन हेल्पलाइन,112, शक्ति एप सहित उन सभी हेल्पलाइन से बेटियों को अवगत करवाया जिससे वो अपने मुश्किल समय में पुलिस तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पुलिस हर समय बेटियों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। अगर बच्चियों का कहीं भी किसी दुर्घटना घटने की आशंका हो तो वो तुरंत पुलिस को संपर्क करें। उन्होंने बेटियों को उनके अधिकारों से अवगत करवाया। कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं लेकिन उन्हें मिलने वाले अधिकारों का दुरुपयोग न करें।
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इस मौके पर एसएचओ सदर यशवंत सिंह ने भी छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बेटियों को सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि फेसबुक, टवीटर, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल साइटस पर सिर्फ अपने जानने वाले लोगों को ही दोस्त बनाएं। कहा कि बच्चियों के साथ अधिकतर मामले सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने पर ही घटित होते हैं। वहीं उन्होंने 1098, पॉक्सो एक्ट, से जुड़ी जानकारी भी छात्राओं के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि बेटियां डर के साए में न जिएं। अगर उनके साथ कोई घटना घटती है तो वो अपने माता-पिता और पुलिस के साथ उसे शेयर करे ताकि उससे जुड़े अपराधी को इसका दंड मिल सके। कहा कि ऐसा करने से समाज के अन्य लोगों को भी कोई गुनाह न करने का सबक मिलता है।
डीएवी स्कूल के प्रधानाचार्य महेंद्र ठाकुर ने अमर उजाला की मुहिम की सराहना की। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि जो भी जानकारी अपराजिता के तहत उन्हें प्राप्त हुई है उसे वो अपने निजी जीवन में उतारें और खुद को और समाज को सुरक्षित रखें।
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एएसपी ने कहा कि बेटियां खुद को इतना सशक्त करें कि कोई उन्हें हरा न सके। बेटी के पैदा होने से लेकर उसकी उम्र के हर पड़ाव के लिए सरकार ने कई तरह के सुरक्षा संबंधी कानून बनाए हैं। कई तरह की हेल्पलाइन शुरू की गईं हैं जिनके जरिए आज की बेटी हर जगह खुद को सुरक्षित महसूस करती है।
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उन्होंने वूमन हेल्पलाइन,112, शक्ति एप सहित उन सभी हेल्पलाइन से बेटियों को अवगत करवाया जिससे वो अपने मुश्किल समय में पुलिस तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पुलिस हर समय बेटियों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। अगर बच्चियों का कहीं भी किसी दुर्घटना घटने की आशंका हो तो वो तुरंत पुलिस को संपर्क करें। उन्होंने बेटियों को उनके अधिकारों से अवगत करवाया। कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं लेकिन उन्हें मिलने वाले अधिकारों का दुरुपयोग न करें।
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इस मौके पर एसएचओ सदर यशवंत सिंह ने भी छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बेटियों को सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि फेसबुक, टवीटर, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल साइटस पर सिर्फ अपने जानने वाले लोगों को ही दोस्त बनाएं। कहा कि बच्चियों के साथ अधिकतर मामले सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने पर ही घटित होते हैं। वहीं उन्होंने 1098, पॉक्सो एक्ट, से जुड़ी जानकारी भी छात्राओं के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि बेटियां डर के साए में न जिएं। अगर उनके साथ कोई घटना घटती है तो वो अपने माता-पिता और पुलिस के साथ उसे शेयर करे ताकि उससे जुड़े अपराधी को इसका दंड मिल सके। कहा कि ऐसा करने से समाज के अन्य लोगों को भी कोई गुनाह न करने का सबक मिलता है।
डीएवी स्कूल के प्रधानाचार्य महेंद्र ठाकुर ने अमर उजाला की मुहिम की सराहना की। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि जो भी जानकारी अपराजिता के तहत उन्हें प्राप्त हुई है उसे वो अपने निजी जीवन में उतारें और खुद को और समाज को सुरक्षित रखें।