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Bilaspur News: सूखी ठंड से अस्पतालों में बढ़ने लगे जुकाम-बुखार के मरीज
Fri, 06 Dec 2024 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 06 Dec 2024 11:08 PM IST
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- बिलासपुर, घुमारवीं अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 400 मरीज
- सांस फूलने की शिकायत लेकर आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। बारिश नहीं होने के का चलते सूखी ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है ।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सिविल अस्पताल घुमारवीं में हर दिन करीब 400 से अधिक सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी और उल्टियां होने के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अचानक बड़ी सूखी ठंड के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। दिसंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होने वाला है, लेकिन पिछले दो माह से बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी है। यही कारण है की सूखी ठंड ने लोगों को बीमारियों से जकड़ लिया है। घुमारवीं अस्पताल में इस समय 400 के करीब ओपीडी है, जिसमें से ज्यादातर इन्हीं रोगों से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल में एमडी और एमओ की ओपीडी में औसतन 200 मरीज पहुंच रहे हैं। यही नहीं कुछ मरीज सांस फूलने जैसी बीमारी का भी शिकार हो रहे हैं । चिकित्सकों की माने तो ऐसा बाहरी हवा की नमी और बढ़ते प्रदूषण के कारण हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। चिकित्सक लगातार लोगों को ठंड से बचने और सुबह-शाम घर के अंदर रहने और दोपहर को शरीर को धूप लगाने की सलाह दे रहे हैं। ताकि शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जा सके।
इनसेट
बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े, टोपी और जुराब पहन कर रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। हमेशा गुनगुना पानी पिएं। आवश्यकता अनुसार सुबह-शाम को गर्म भाप ले। गले में खराश, खांसी, जुकाम होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन न करें।
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इनसेट
यह न करें।
ठंड के संपर्क में लंबे समय तक रहने से बचें। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें। यह पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। घर के अंदर आ जाएं। शराब का सेवन न करें। यह आपके शरीर के तापमान को कम करता है और हाइपोथर्मिया के जोखिम को बढ़ाता है। ठंड से प्रभावित क्षेत्र की मालिश न करें। इससे और ज्यादा नुकसान हो सकता है। प्रभावित व्यक्ति को तब तक कोई तरल पदार्थ न दें, जब तक कि वह पूरी तरह से सचेत न हो।
कोट
ठंड के इस मौसम में शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है, जिससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं गर्म कपड़े पहने और ठंडे पानी से बचने की जरूरत है। यदि बुखार, खांसी, जुकाम की शुरुआती लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें ताकि बीमारी के बढ़ने से पहले ही उसका इलाज हो सके।
डॉ. महेश जसवाल, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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- सांस फूलने की शिकायत लेकर आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। बारिश नहीं होने के का चलते सूखी ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है ।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सिविल अस्पताल घुमारवीं में हर दिन करीब 400 से अधिक सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी और उल्टियां होने के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अचानक बड़ी सूखी ठंड के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। दिसंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होने वाला है, लेकिन पिछले दो माह से बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी है। यही कारण है की सूखी ठंड ने लोगों को बीमारियों से जकड़ लिया है। घुमारवीं अस्पताल में इस समय 400 के करीब ओपीडी है, जिसमें से ज्यादातर इन्हीं रोगों से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल में एमडी और एमओ की ओपीडी में औसतन 200 मरीज पहुंच रहे हैं। यही नहीं कुछ मरीज सांस फूलने जैसी बीमारी का भी शिकार हो रहे हैं । चिकित्सकों की माने तो ऐसा बाहरी हवा की नमी और बढ़ते प्रदूषण के कारण हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। चिकित्सक लगातार लोगों को ठंड से बचने और सुबह-शाम घर के अंदर रहने और दोपहर को शरीर को धूप लगाने की सलाह दे रहे हैं। ताकि शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जा सके।
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बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान
सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े, टोपी और जुराब पहन कर रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। हमेशा गुनगुना पानी पिएं। आवश्यकता अनुसार सुबह-शाम को गर्म भाप ले। गले में खराश, खांसी, जुकाम होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन न करें।
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यह न करें।
ठंड के संपर्क में लंबे समय तक रहने से बचें। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें। यह पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। घर के अंदर आ जाएं। शराब का सेवन न करें। यह आपके शरीर के तापमान को कम करता है और हाइपोथर्मिया के जोखिम को बढ़ाता है। ठंड से प्रभावित क्षेत्र की मालिश न करें। इससे और ज्यादा नुकसान हो सकता है। प्रभावित व्यक्ति को तब तक कोई तरल पदार्थ न दें, जब तक कि वह पूरी तरह से सचेत न हो।
कोट
ठंड के इस मौसम में शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है, जिससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं गर्म कपड़े पहने और ठंडे पानी से बचने की जरूरत है। यदि बुखार, खांसी, जुकाम की शुरुआती लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें ताकि बीमारी के बढ़ने से पहले ही उसका इलाज हो सके।
डॉ. महेश जसवाल, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं