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Bilaspur News: ऑनलाइन व नकली दवाओं के खिलाफ दवा विक्रेता संघ मुखर
Wed, 20 May 2026 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 20 May 2026 11:48 PM IST
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ऑनलाइन नकली दवाओं के खिलाफ दवा विक्रेता ने बिलासपुर में बंद किए दवाइंयों की दुकानें। संवाद
बिलासपुर में शत-प्रतिशत बंद रही केमिस्ट की दुकानें
संघ ने कहा, कोरियर और ऑनलाइन सप्लाई से घरों तक पहुंच रहा नशा
20 से 30 फीसदी डिस्काउंट के प्रलोभन पर उठाए सवाल
हड़ताल से मरीज और तीमारदार दिनभर रहे परेशान
जरूरी जीवन रक्षक दवाओं के लिए मरीजों को पड़ा भटकना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित होम डिलीवरी और बाजार में पैर पसार रहे नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ दवा विक्रेता संघ ने देशव्यापी आह्वान पर मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय और राज्य कार्यकारिणी के निर्देश पर बुधवार को बिलासपुर में दवा विक्रेताओं की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित तमाम उपमंडलों में केमिस्टकी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। हालांकि, इस हड़ताल के कारण स्थानीय मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और लोग जीवन रक्षक दवाओं के लिए भटकते नजर आए।
बुधवार को जिला बिलासपुर, घुमारवीं, झंडूता और अन्य क्षेत्रों में सभी केमिस्ट की दुकानें पूरी तरह बंद रहने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को रूटीन व आपातकालीन दवाओं के लिए यहां-वहां भटकना पड़ा। ग्रामीण इलाकों से आए तीमारदारों को शहर में दवाइयां न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए बंद दुकानों के बाहर खड़े होकर अन्य विकल्पों की तलाश करते दिखे। दवा विक्रेता संघ जिला बिलासपुर के महासचिव अरविंद कुमार महाजन ने कहा कि संघ पिछले 20 वर्ष से पूरी तरह संगठित होकर काम कर रहा है। उन्होंने ऑनलाइन मेडिसिन की घर-घर हो रही डिलीवरी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इसकी आड़ में नशे की दवाइयां सीधे घरों तक पहुंचाई जा रही हैं। संघ सरकार से मांग करता है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़े मानक तय किए जाएं और ऐसा चेक लगाया जाए जिससे बच्चों और अन्य लोगों को ये चीजें आसानी से उपलब्ध न हो सकें। महासचिव ने आरोप लगाया कि आजकल ड्रग अथॉरिटीज ने बड़े-बड़े स्तर पर कार्रवाई की है, जिससे साफ हुआ है कि किसी और कंपनी की नकली दवाओं पर नामी नेशनल हाउसेज की स्टेंप और बैनर लगाकर सप्लाई की जा रही है। लोगों को 20 से 30 फीसदी तक डिस्काउंट का प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दवाओं का न तो कोई मानक है और न ही इनकी कोई सैंपलिंग हो रही है। सीधे आ रही इन कंपनियों की दवाओं का कोई असर नहीं है, बल्कि इनके साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा हैं।
अरविंद महाजन ने साफ किया कि हिमाचल और पूरे देश के केमिस्ट पूरी जिम्मेदारी से काम करते हैं। वे बिना रिकॉर्ड, बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना औपचारिकता के किसी को कोई ड्रग या संदिग्ध दवाएं नहीं देते हैं। लेकिन ऑनलाइन माध्यम का दुरुपयोग किस कदर हो रहा है, इसका प्रमाण पिछले दिनों घुमारवीं में देखने को मिला। वहां कोरियर के जरिए की गई ऑनलाइन परचेसिंग की खेप को ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौतम ने पकड़ा था, जिसमें 2000 नशे की गोलियां बरामद हुई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह नशा ऑनलाइन माध्यम से कैसे और कहां से उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑल ओवर इंडिया के प्रेसिडेंट शिंदे और हिमाचल प्रदेश दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष संजीव पंडित के आह्वान पर युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने और बिना पर्ची के सिरिंज व अन्य नशीली चीजों की आसान उपलब्धता को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस भारत बंद को जिला बिलासपुर और पूरे हिमाचल में केमिस्टों का सौ फीसदी समर्थन मिला है। सभी दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर अपनी एसोसिएशन का साथ दिया है और सरकार को आगाह किया है कि इस अवैध ऑनलाइन और नकली दवाओं के कारोबार को तुरंत रोका जाए।
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संघ ने कहा, कोरियर और ऑनलाइन सप्लाई से घरों तक पहुंच रहा नशा
20 से 30 फीसदी डिस्काउंट के प्रलोभन पर उठाए सवाल
हड़ताल से मरीज और तीमारदार दिनभर रहे परेशान
जरूरी जीवन रक्षक दवाओं के लिए मरीजों को पड़ा भटकना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित होम डिलीवरी और बाजार में पैर पसार रहे नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ दवा विक्रेता संघ ने देशव्यापी आह्वान पर मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय और राज्य कार्यकारिणी के निर्देश पर बुधवार को बिलासपुर में दवा विक्रेताओं की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित तमाम उपमंडलों में केमिस्टकी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। हालांकि, इस हड़ताल के कारण स्थानीय मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और लोग जीवन रक्षक दवाओं के लिए भटकते नजर आए।
बुधवार को जिला बिलासपुर, घुमारवीं, झंडूता और अन्य क्षेत्रों में सभी केमिस्ट की दुकानें पूरी तरह बंद रहने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को रूटीन व आपातकालीन दवाओं के लिए यहां-वहां भटकना पड़ा। ग्रामीण इलाकों से आए तीमारदारों को शहर में दवाइयां न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए बंद दुकानों के बाहर खड़े होकर अन्य विकल्पों की तलाश करते दिखे। दवा विक्रेता संघ जिला बिलासपुर के महासचिव अरविंद कुमार महाजन ने कहा कि संघ पिछले 20 वर्ष से पूरी तरह संगठित होकर काम कर रहा है। उन्होंने ऑनलाइन मेडिसिन की घर-घर हो रही डिलीवरी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इसकी आड़ में नशे की दवाइयां सीधे घरों तक पहुंचाई जा रही हैं। संघ सरकार से मांग करता है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़े मानक तय किए जाएं और ऐसा चेक लगाया जाए जिससे बच्चों और अन्य लोगों को ये चीजें आसानी से उपलब्ध न हो सकें। महासचिव ने आरोप लगाया कि आजकल ड्रग अथॉरिटीज ने बड़े-बड़े स्तर पर कार्रवाई की है, जिससे साफ हुआ है कि किसी और कंपनी की नकली दवाओं पर नामी नेशनल हाउसेज की स्टेंप और बैनर लगाकर सप्लाई की जा रही है। लोगों को 20 से 30 फीसदी तक डिस्काउंट का प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दवाओं का न तो कोई मानक है और न ही इनकी कोई सैंपलिंग हो रही है। सीधे आ रही इन कंपनियों की दवाओं का कोई असर नहीं है, बल्कि इनके साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा हैं।
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अरविंद महाजन ने साफ किया कि हिमाचल और पूरे देश के केमिस्ट पूरी जिम्मेदारी से काम करते हैं। वे बिना रिकॉर्ड, बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना औपचारिकता के किसी को कोई ड्रग या संदिग्ध दवाएं नहीं देते हैं। लेकिन ऑनलाइन माध्यम का दुरुपयोग किस कदर हो रहा है, इसका प्रमाण पिछले दिनों घुमारवीं में देखने को मिला। वहां कोरियर के जरिए की गई ऑनलाइन परचेसिंग की खेप को ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौतम ने पकड़ा था, जिसमें 2000 नशे की गोलियां बरामद हुई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह नशा ऑनलाइन माध्यम से कैसे और कहां से उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑल ओवर इंडिया के प्रेसिडेंट शिंदे और हिमाचल प्रदेश दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष संजीव पंडित के आह्वान पर युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने और बिना पर्ची के सिरिंज व अन्य नशीली चीजों की आसान उपलब्धता को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस भारत बंद को जिला बिलासपुर और पूरे हिमाचल में केमिस्टों का सौ फीसदी समर्थन मिला है। सभी दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर अपनी एसोसिएशन का साथ दिया है और सरकार को आगाह किया है कि इस अवैध ऑनलाइन और नकली दवाओं के कारोबार को तुरंत रोका जाए।
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