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Bilaspur News: डबल टोल और एंट्री टैक्स से ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

Thu, 12 Mar 2026 11:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:41 PM IST
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Double toll and entry tax increase financial burden on transporters
संशोधित खबर
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एक अप्रैल से एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले पर ट्रांसपोर्टरों ने जताई चिंता
सिविल सप्लाई ढुलाई भाड़ा बढ़ाने की भी उठाई मांग
गरामोड़ा और बलोह टोल प्लाजा के साथ एंट्री टैक्स वसूली से ढुलाई महंगी


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के ट्रांसपोर्टरों ने डबल टोल और एंट्री टैक्स की व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ते टैक्स और टोल के कारण ढुलाई का खर्च काफी बढ़ गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर तुरंत पुनर्विचार कर राहत देने की मांग की है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि वर्ष 1983 से एसीसी सीमेंट बरमाना से सीमेंट और क्लिंकर की ढुलाई का कार्य स्थानीय ट्रांसपोर्टरों द्वारा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन हाल के समय में लगातार बढ़ते टैक्स और टोल के कारण ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों से एंट्री टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा फोरलेन सड़क बनने के बाद एनएचएआई की ओर से गरामोड़ा और बलोह टोल प्लाजा पर भी टोल वसूली शुरू कर दी गई है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को एक ही ढुलाई पर एंट्री टैक्स और टोल दोनों का भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे उन पर डबल आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि एसीसी बरमाणा से होने वाली अधिकांश ढुलाई पंजाब मार्ग से होकर गुजरती है, जिसके कारण वाहनों को कई बार टोल चुकाना पड़ता है। अब स्थिति और गंभीर हो गई है क्योंकि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक अप्रैल 2026 से एंट्री टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित होने की आशंका है। ट्रांसपोर्टरों ने सिविल सप्लाई के परिवहन भाड़े के मुद्दे को भी उठाया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि डीजल की कीमतों, रखरखाव खर्च और अन्य परिचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में वर्तमान भाड़ा दरें बाजार की वास्तविक लागत के अनुरूप नहीं हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ट्रांसपोर्टरों की ओर से पूर्व अध्यक्ष जीत राम गौतम, अनिल हैप्पी, कमल किशोर, संतोष ठाकुर, जय सिंह, शेर सिंह, कश्मीर सिंह, प्रदीप ठाकुर, राकेश ठाकुर और कुलदीप ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि एंट्री टैक्स में प्रस्तावित वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए, डबल टोल व्यवस्था समाप्त की जाए और सिविल सप्लाई परिवहन भाड़े की दरों की समीक्षा कर उन्हें बाजार के अनुरूप बढ़ाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो ट्रांसपोर्ट समुदाय अपने अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित अधिकारियों की होगी।
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