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Bilaspur News: एम्स कोठीपुरा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था

Thu, 23 Jan 2025 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 23 Jan 2025 11:23 PM IST
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Disorganization in health services for senior citizens in AIIMS Kothipura
-अवास्टिन इंजेक्शन को आयुष्मान कार्ड में कवर करने का किया आग्रह
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-बोले, हर्निया जैसे ऑपरेशन के लिए मरीजों को करना पड़ रहा चार माह का इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों को इलाज में लगातार अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री चेतराम वर्मा ने बताया कि संस्थान में इलाज के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं कई बार मरीजों को सही सुविधा नहीं मिल रही है। विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए दवाइयों की उपलब्धता में दिक्कत हो रही है।
वर्मा ने बताया कि कई मरीजों को यह कहा जाता है कि उनके पास हिम केयर कार्ड नहीं है। उन्हें आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा जाता है। जब आयुष्मान कार्ड लेकर मरीज अस्पताल पहुंचते हैं तो यह कहकर मना कर दिया जाता है कि इस कार्ड पर कुछ दवाइयों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कहा कि वरिष्ठ पेंशनर प्यारे लाल कौशल को इस असुविधा का सामना करना पड़ा। कहा कि उन्हें आंखों के इलाज के लिए अवास्टिन जो कि एक इंट्राविट्रियल एंटी वीईजीएफ इंजेक्शन है की आवश्यकता होती है, जो उनकी आंखों की रोशनी बचाने के लिए हर महीने या दूसरे महीने लगाया जाता है। इस इंजेक्शन की कीमत लगभग तीस हजार रुपये है। प्यारे लाल कौशल जब आयुष्मान कार्ड बनवाकर एम्स में इलाज के लिए गए तो उन्हें यह कहकर इंजेक्शन देने से मना कर दिया गया कि आयुष्मान कार्ड पर यह दवा नहीं मिलती। वर्मा ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से आग्रह किया है कि उपरोक्त इंजेक्शन को आयुष्मान कार्ड की दवाइयों की सूची में जोड़ा जाए, ताकि यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता के लिए भी उपलब्ध हो सके।
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वर्मा ने कहा कि छोटे ऑपरेशन जैसे हर्निया आदि के लिए भी मरीजों को तीन से चार महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान मरीजों को यह कहा जाता है कि उन्हें फोन के जरिए सूचित कर दिया जाएगा, लेकिन कई बार मरीज समय पर ऑपरेशन नहीं करवा पाते और उनकी हालत बिगड़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी क्यों है? एम्स प्रशासन से अपील की कि ऑपरेशन थियेटर की संख्या बढ़ाई जाए और स्पेशलिस्ट शल्य चिकित्सकों की तैनाती की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान में पार्किंग की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। अस्पताल में मरीजों की गाड़ियों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए और ओपीडी तक इलेक्ट्रिकल वाहनों की सुविधा दी जानी चाहिए।
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कोट
एम्स में हिम केयर और आयुष्मान कार्ड दोनों चल रहे हैं। दो दिन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल हेल्थ केयर मैनेजमेंट सिस्टम बंद हो गया है। इस कारण कार्ड मेन्युअल किए जा रहे थे। इस वजह से सुविधा देने में थोड़ा समय लग रहा था। अब सब सही चल रही है और हर सुविधा मरीजों को मिल रही है।
एम्स प्रबंधन
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