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Bilaspur News: आपदा प्रभावित 1078 किसानों को मिला 57 लाख रुपये मुआवजा
Mon, 02 Dec 2024 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:28 PM IST
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-दो वर्ष में 230 हेक्टेयर में उपलब्ध हुई सिंचाई सुविधा
-कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए दो वर्ष में हुए बेहतर प्रयास : धर्माणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 1078 किसानों को 57 लाख रुपये की राशि दी गई है। प्रदेश सरकार ने राहत मैनुअल में बदलाव करते हुए इस राशि को जारी किया है। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सीएम के कार्यक्रम की तैयारियायों को जायजा लेने बिलासपुर पहुंचने पर इंदिरा भवन में दी।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान बाढ़ से प्रभावित कृषि भूमि के लिए मात्र 1400 रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाता था। इसे बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया है। इसी प्रकार कृषि और बागवानी योग्य भूमि को नुकसान होने पर पहले 3600 रुपये प्रति बीघा की आर्थिक मदद दी जाती थी जिसे अब दस हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। फसल क्षति पर मिलने वाला मुआवजा भी 300 से 500 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति बीघा किया गया है। मंत्री ने बताया कि इसके अलावा जिले में कृषि विभाग की ओर से लघु सिंचाई योजनाओं, जल भंडारण संरचना और टांका निर्माण जैसे प्रयासों से 230.63 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा के तहत लाया गया है। कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हिम उन्नति योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिले में 72 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए 10 लाख रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कृषि संवर्धन योजना के तहत सुधरे बीज और खाद पर सब्सिडी दी जा रही है। दो वर्ष में 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है, जिससे फसल उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों को 38 ट्रैक्टर, 116 पावर वीडर, टिलर, 300 टूल किट और 1650 चारा काटने की मशीनें 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई हैं। इन पर 157.29 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। फसलों को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए 151 किसानों के खेतों में बाड़बंदी की गई जिस पर 390.57 लाख रुपये खर्च किए गए। कृषि उपकरणों के उपयोग के दौरान किसानों के घायल होने या मृत्यु की स्थिति में मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत पिछले दो वर्ष में 13 किसानों को 6.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
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-कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए दो वर्ष में हुए बेहतर प्रयास : धर्माणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 1078 किसानों को 57 लाख रुपये की राशि दी गई है। प्रदेश सरकार ने राहत मैनुअल में बदलाव करते हुए इस राशि को जारी किया है। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सीएम के कार्यक्रम की तैयारियायों को जायजा लेने बिलासपुर पहुंचने पर इंदिरा भवन में दी।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान बाढ़ से प्रभावित कृषि भूमि के लिए मात्र 1400 रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाता था। इसे बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया है। इसी प्रकार कृषि और बागवानी योग्य भूमि को नुकसान होने पर पहले 3600 रुपये प्रति बीघा की आर्थिक मदद दी जाती थी जिसे अब दस हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। फसल क्षति पर मिलने वाला मुआवजा भी 300 से 500 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति बीघा किया गया है। मंत्री ने बताया कि इसके अलावा जिले में कृषि विभाग की ओर से लघु सिंचाई योजनाओं, जल भंडारण संरचना और टांका निर्माण जैसे प्रयासों से 230.63 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा के तहत लाया गया है। कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हिम उन्नति योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिले में 72 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए 10 लाख रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कृषि संवर्धन योजना के तहत सुधरे बीज और खाद पर सब्सिडी दी जा रही है। दो वर्ष में 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है, जिससे फसल उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों को 38 ट्रैक्टर, 116 पावर वीडर, टिलर, 300 टूल किट और 1650 चारा काटने की मशीनें 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई हैं। इन पर 157.29 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। फसलों को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए 151 किसानों के खेतों में बाड़बंदी की गई जिस पर 390.57 लाख रुपये खर्च किए गए। कृषि उपकरणों के उपयोग के दौरान किसानों के घायल होने या मृत्यु की स्थिति में मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत पिछले दो वर्ष में 13 किसानों को 6.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
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