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Bilaspur News: री-रडोह अमरोआ पुल के साथ अस्थायी संपर्क मार्ग बनाने की मांग
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12 पंचायतों की आबादी को मिलेगा लाभ, बरठीं-झंडूता की दूरी होगी आधी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल मुख्यालय आनंदघाट को जोड़ने वाले री-रडोह अमरोआ पुल के साथ अस्थायी संपर्क सड़क बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने उठाई है। लोगों का कहना है कि जब तक पुल पर वाहनों की नियमित आवाजाही शुरू नहीं होती और लोक निर्माण विभाग पुल की दोनों ओर अप्रोच का कार्य पूरा नहीं कर देता, तब तक सीर खड्ड के दोनों किनारों पर वाहनों के लिए वैकल्पिक संपर्क मार्ग बनाया जाए।
रोहल और बड़गांव जिला परिषद वार्ड के तहत आने वाली इन पंचायत के लोगों के अनुसार यदि बरठीं से झंडूता के लिए वाया सुन्हाणी-सेर-तुंगड़ी मार्ग से अस्थायी संपर्क सड़क सुविधा उपलब्ध हो जाती है तो वर्तमान में लगभग 10 से 11 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब आधी रह जाएगी। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। हालांकि बरसात के दिनों में सीर खड्ड में पानी बढ़ने के कारण यह सुविधा प्रभावित हो सकती है। री-रडोह अमरोआ पुल का निर्माण कार्य काफी समय पहले पूरा हो चुका है, लेकिन पुल के दोनों ओर अप्रोच सड़क का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अप्रोच निर्माण कार्य को पूरा करने के प्रयास जारी हैं। लोगों का कहना है कि इस पुल के शुरू होने से झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अलावा घुमारवीं, हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की हजारों आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित यह पुल प्रदेश के बड़े ग्रामीण संपर्क पुलों में शामिल है और इसे क्षेत्र की भाग्य रेखा माना जा रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुल के दोनों ओर अस्थायी संपर्क मार्ग बनाकर वाहनों की सीमित आवाजाही शुरू की जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। लोक निर्माण विभाग उपमंडल झंडूता के सहायक अभियंता नितेश शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से सीर खड्ड के दोनों ओर लोगों को अस्थायी तौर पर वैकल्पिक संपर्क मार्ग की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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इनसेट
झरेड़ी के रमेश कुमार ने कहा कि री-रडोह अमरोआ पुल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। पुल बनने के बाद बरठीं और झंडूता के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। विभाग को चाहिए कि जब तक पुल पूरी तरह शुरू नहीं होता, तब तक अस्थायी संपर्क मार्ग बनाकर लोगों को राहत दी जाए।
इनसेट
धराड़ के सुभाष वर्मा ने कहा कि इस पुल के शुरू होने से रोहल, बड़गांव सहित 12 पंचायतों की जनता को सीधा फायदा मिलेगा। स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को आने-जाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से पुल के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं और विभाग को अप्रोच कार्य में तेजी लानी चाहिए।
इनसेट
ठप्पर के नीतीश कपिल ने कहा कि यह पुल केवल सड़क सुविधा नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई राह है। पुल शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मजबूत होगा और लोगों को बाजारों व सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि विभाग अस्थायी संपर्क मार्ग तैयार कर देता है तो लोगों को तत्काल राहत मिल सकती है।
इनसेट
सेर के विक्रम जसवाल ने कहा कि वर्तमान में लोगों को झंडूता पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पुल के माध्यम से दूरी कम होने पर समय के साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की लंबे समय से यह मांग रही है और अब विभाग को जनहित को देखते हुए शीघ्र समाधान करना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल मुख्यालय आनंदघाट को जोड़ने वाले री-रडोह अमरोआ पुल के साथ अस्थायी संपर्क सड़क बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने उठाई है। लोगों का कहना है कि जब तक पुल पर वाहनों की नियमित आवाजाही शुरू नहीं होती और लोक निर्माण विभाग पुल की दोनों ओर अप्रोच का कार्य पूरा नहीं कर देता, तब तक सीर खड्ड के दोनों किनारों पर वाहनों के लिए वैकल्पिक संपर्क मार्ग बनाया जाए।
रोहल और बड़गांव जिला परिषद वार्ड के तहत आने वाली इन पंचायत के लोगों के अनुसार यदि बरठीं से झंडूता के लिए वाया सुन्हाणी-सेर-तुंगड़ी मार्ग से अस्थायी संपर्क सड़क सुविधा उपलब्ध हो जाती है तो वर्तमान में लगभग 10 से 11 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब आधी रह जाएगी। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। हालांकि बरसात के दिनों में सीर खड्ड में पानी बढ़ने के कारण यह सुविधा प्रभावित हो सकती है। री-रडोह अमरोआ पुल का निर्माण कार्य काफी समय पहले पूरा हो चुका है, लेकिन पुल के दोनों ओर अप्रोच सड़क का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अप्रोच निर्माण कार्य को पूरा करने के प्रयास जारी हैं। लोगों का कहना है कि इस पुल के शुरू होने से झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अलावा घुमारवीं, हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की हजारों आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित यह पुल प्रदेश के बड़े ग्रामीण संपर्क पुलों में शामिल है और इसे क्षेत्र की भाग्य रेखा माना जा रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुल के दोनों ओर अस्थायी संपर्क मार्ग बनाकर वाहनों की सीमित आवाजाही शुरू की जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। लोक निर्माण विभाग उपमंडल झंडूता के सहायक अभियंता नितेश शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से सीर खड्ड के दोनों ओर लोगों को अस्थायी तौर पर वैकल्पिक संपर्क मार्ग की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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झरेड़ी के रमेश कुमार ने कहा कि री-रडोह अमरोआ पुल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। पुल बनने के बाद बरठीं और झंडूता के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। विभाग को चाहिए कि जब तक पुल पूरी तरह शुरू नहीं होता, तब तक अस्थायी संपर्क मार्ग बनाकर लोगों को राहत दी जाए।
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धराड़ के सुभाष वर्मा ने कहा कि इस पुल के शुरू होने से रोहल, बड़गांव सहित 12 पंचायतों की जनता को सीधा फायदा मिलेगा। स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को आने-जाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से पुल के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं और विभाग को अप्रोच कार्य में तेजी लानी चाहिए।
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ठप्पर के नीतीश कपिल ने कहा कि यह पुल केवल सड़क सुविधा नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई राह है। पुल शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मजबूत होगा और लोगों को बाजारों व सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि विभाग अस्थायी संपर्क मार्ग तैयार कर देता है तो लोगों को तत्काल राहत मिल सकती है।
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सेर के विक्रम जसवाल ने कहा कि वर्तमान में लोगों को झंडूता पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पुल के माध्यम से दूरी कम होने पर समय के साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की लंबे समय से यह मांग रही है और अब विभाग को जनहित को देखते हुए शीघ्र समाधान करना चाहिए।