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Bilaspur News: एम्स के आसपास कथित अवैध खनन की मजिस्ट्रियल जांच की मांग
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उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पांच विभागों की संयुक्त समिति बनाने और ड्रोन सर्वेक्षण करवाने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स कोठीपुरा के आसपास कथित अवैध खनन का मामला उठाते हुए अधिवक्ता एवं टावर लाइन शोषित जागरूकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक रजनीश कुमार शर्मा ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने नौणी, संगीरठी, जालपा माता मंदिर और विनायक घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में मजिस्ट्रियल जांच करवाने की मांग की है।
रजनीश शर्मा ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में दिन और रात के समय जेसीबी और भारी मशीनरी से पहाड़ी कटान तथा रेत, बजरी और पत्थर की निकासी की जा रही है। उन्होंने राजस्व, खनन, वन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करवाने का आग्रह किया। साथ ही फोरलेन निर्माण के लिए स्वीकृत कटान की आड़ में व्यावसायिक खनन की आशंका जताते हुए स्वीकृत सीमाओं और वास्तविक गतिविधियों की जांच करवाने को कहा।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का ड्रोन सर्वेक्षण, जीपीएस मानचित्रण और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर खसरा वार सीमांकन करवाने की मांग की। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के खनन पट्टों, अनुमतियों, रॉयल्टी, चालान और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करवाने का आग्रह किया। कथित अवैध खनन से सरकारी राजस्व और पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन करने तथा अनियमितताएं मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
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शर्मा ने संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त और जांच चौकियां स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने उपायुक्त से 15 दिनों के भीतर प्रारंभिक निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध करवाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने सक्षम न्यायिक मंच पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स कोठीपुरा के आसपास कथित अवैध खनन का मामला उठाते हुए अधिवक्ता एवं टावर लाइन शोषित जागरूकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक रजनीश कुमार शर्मा ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने नौणी, संगीरठी, जालपा माता मंदिर और विनायक घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में मजिस्ट्रियल जांच करवाने की मांग की है।
रजनीश शर्मा ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में दिन और रात के समय जेसीबी और भारी मशीनरी से पहाड़ी कटान तथा रेत, बजरी और पत्थर की निकासी की जा रही है। उन्होंने राजस्व, खनन, वन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करवाने का आग्रह किया। साथ ही फोरलेन निर्माण के लिए स्वीकृत कटान की आड़ में व्यावसायिक खनन की आशंका जताते हुए स्वीकृत सीमाओं और वास्तविक गतिविधियों की जांच करवाने को कहा।
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उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का ड्रोन सर्वेक्षण, जीपीएस मानचित्रण और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर खसरा वार सीमांकन करवाने की मांग की। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के खनन पट्टों, अनुमतियों, रॉयल्टी, चालान और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करवाने का आग्रह किया। कथित अवैध खनन से सरकारी राजस्व और पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन करने तथा अनियमितताएं मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
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शर्मा ने संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त और जांच चौकियां स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने उपायुक्त से 15 दिनों के भीतर प्रारंभिक निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध करवाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने सक्षम न्यायिक मंच पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।