{"_id":"604baf5c8ebc3ec79c6aea25","slug":"dc-demand-report-on-illigal-tree-cutting-in-bilaspur-bilaspur-news-sml364031063","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखे पेड़ों की आड़ में हरे खैरों का कटान, डीसी ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखे पेड़ों की आड़ में हरे खैरों का कटान, डीसी ने मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। जिले में सूखे पेड़ों की आड़ में खैर के कई हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है। इसमें निजी भूमि मालिकों, ठेकेदारों और अन्य लोगों के शामिल होने का अंदेशा है। एक व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त सहित कई विभागों को भेजी है। उपायुक्त ने डीएफओ से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
जिले के घुमारवीं, झंडूता और सदर विस क्षेत्र में वन विभाग ने निजी भूमि पर 1629 सूखे पेड़ों के कटान की अनुमति दी थी। करीब तीन माह से खैर के पेड़ों का कटान चला हुआ है। मिलीभगत कर कई हरे पेड़ों पर भी कुल्हाड़ी चलाई गई है। सदर विस क्षेत्र के मियां बंदला से ही करीब 200 क्विंटल से ज्यादा अवैध खैर कत्था फैक्ट्रियों तक पहुंचाया गया है। हैरानी का विषय है कि इसके बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अमर उजाला ने 4 मार्च को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद डीएफओ बिलासपुर ने जांच के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
खबर प्रकाशित होने के बाद जिले के एक व्यक्ति ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पर्यावरण मंत्रालय की एकीकृत इकाई शिमला, संयुक्त सचिव वन, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर वन (हॉफ) शिमला सहित बिलासपुर वन अधिकारियों को शिकायत दी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने डीएफओ बिलासपुर को सात दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त रोहित जम्वाल ने पत्र संख्या बीएलएस-सीएंड-एम (13)/07 में पुष्टि की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के घुमारवीं, झंडूता और सदर विस क्षेत्र में वन विभाग ने निजी भूमि पर 1629 सूखे पेड़ों के कटान की अनुमति दी थी। करीब तीन माह से खैर के पेड़ों का कटान चला हुआ है। मिलीभगत कर कई हरे पेड़ों पर भी कुल्हाड़ी चलाई गई है। सदर विस क्षेत्र के मियां बंदला से ही करीब 200 क्विंटल से ज्यादा अवैध खैर कत्था फैक्ट्रियों तक पहुंचाया गया है। हैरानी का विषय है कि इसके बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अमर उजाला ने 4 मार्च को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद डीएफओ बिलासपुर ने जांच के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
खबर प्रकाशित होने के बाद जिले के एक व्यक्ति ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पर्यावरण मंत्रालय की एकीकृत इकाई शिमला, संयुक्त सचिव वन, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर वन (हॉफ) शिमला सहित बिलासपुर वन अधिकारियों को शिकायत दी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने डीएफओ बिलासपुर को सात दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त रोहित जम्वाल ने पत्र संख्या बीएलएस-सीएंड-एम (13)/07 में पुष्टि की है।
विज्ञापन