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शहीद के माता-पिता से मिलने पहुंचे डीसी और एसपी
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उपायुक्त बिलासपुर शहीद अंकेश के घर शहीद के पिता से बात करते हुए।
- फोटो : BILASPUR
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भराड़ी(बिलासपुर)। अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए बिलासपुर जिले के सेऊ गांव के अंकित भारद्वाज का पार्थिव शरीर शुक्रवार को भी घर नहीं पहुंच पाया। हालांकि शहीद के घर पर प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना दिन भर लगा रहा। शहीद के परिजनों से मिलने श्सुक्रवार को जिलाधीश बिलासपुर पंकज राय और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर एसआर राणा उनके घर पहुंचे।
इन्होंने शहीद के परिवार को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं। इस मौके पर जिलाधीश से पंकज राय ने कहा कि शहीद अंकित भारद्वाज के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा किसमाज को ऐसे बाप पर भी गर्व है जो खुद सेना में रहकर देश सेवा करने के बाद अपने बच्चों को भी देश सेवा के लिए भेजा है। इस मौके पर शहीद अंकित भारद्वाज के पिता एवं पूर्व सैनिक बांचाराम ने कहा कि उनके बेटे ने घर वापस लौटने का वादा किया था लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपट कर घर वापस आएगा।
शहीद सैनिक के पिता ने प्रशासन से कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, बस गांव और समाज का विकास हो। बांचा राम ने जिलाधीश के समक्ष मुक्ति धाम के पास रिटेनिंग वाल लगाने का आग्रह किया। जिलाधीश ने पंचायत प्रधान को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी घुमारवीं राजीव ठाकुर, डीआरडीए के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र गौतम मौजूद रहे।
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इन्होंने शहीद के परिवार को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं। इस मौके पर जिलाधीश से पंकज राय ने कहा कि शहीद अंकित भारद्वाज के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा किसमाज को ऐसे बाप पर भी गर्व है जो खुद सेना में रहकर देश सेवा करने के बाद अपने बच्चों को भी देश सेवा के लिए भेजा है। इस मौके पर शहीद अंकित भारद्वाज के पिता एवं पूर्व सैनिक बांचाराम ने कहा कि उनके बेटे ने घर वापस लौटने का वादा किया था लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपट कर घर वापस आएगा।
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शहीद सैनिक के पिता ने प्रशासन से कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, बस गांव और समाज का विकास हो। बांचा राम ने जिलाधीश के समक्ष मुक्ति धाम के पास रिटेनिंग वाल लगाने का आग्रह किया। जिलाधीश ने पंचायत प्रधान को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी घुमारवीं राजीव ठाकुर, डीआरडीए के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र गौतम मौजूद रहे।
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