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Bilaspur News: स्कूल समयसारिणी में बदलाव, लेकिन डंगार स्कूल में पानी के लिए तरस रहे बच्चे
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- भीषण गर्मी में बच्चों को नहीं मिल रही स्कूल में पीने के पानी की सप्लाई, सप्ताह में दो से तीन दिन ही आता है पानी, अभिभावकों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रशासन ने भले ही भीषण गर्मी के चलते स्कूलों की समयसारणी में बदलाव कर दिया हो, लेकिन इससे भी बच्चों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई जगह स्कूली छात्रों को भीषण गर्मी में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा से दो-चार होना पड़ रहा है। यह मामला घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार का है। यहां बच्चों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्कूल में बच्चों को होने वाली पानी की किल्लत से सरकारी स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पर्याप्त फंड मिलने के बाद भी शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बच्चों को पीने का पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसे शिक्षा विभाग की उदासीनता कहें या फिर जल शक्ति विभाग की लापरवाही, जिससे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
वहीं, अभिभावकों में रोष है कि स्कूल में पीने के पानी की सप्लाई सप्ताह में दो से तीन बार ही हो पाती है। हालांकि, स्कूल की तरफ से पानी का अस्थायी प्रबंध भी किया गया है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं हो रहा है। इसका कारण है पानी की जो थोड़ी बहुत सप्लाई आती भी है, वह सीधी टंकियों में जाती है जोकि स्कूल की छत्तों पर रखी हुई हैं। दोपहर होते-होते पानी आग की तरह गर्म हो जाता है। जिसे पीना तो दूर की बात है छूना भी मुनासिब नहीं होता। हालांकि, बच्चे सुबह घर से पानी की बोतल लेकर साथ आते हैं, लेकिन स्कूल पहुंचने की कुछ देर बाद ही बोतल का पानी खत्म हो जाने के बाद बच्चों को पीने के पानी की दिक्कत आ रही है। स्कूल प्रशासन की माने तो स्कूल में वाटर कूलर लगा हुआ है, लेकिन पानी की सप्लाई सुचारु न होने के कारण इन्हें बंद करना पड़ता है, क्योंकि वाटर कूलर में पानी न होने की वजह से इनके जलने का खतरा बना रहता है। अभिभावकों रेखा, विनोद, राकेश, रिंकू, ममता आदि का कहना है कि भीषण गर्मी में स्कूल में पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चे स्कूल में टंकियां का गर्म पानी पीने को मजबूर है लेकिन कोई भी इस तरफ ध्यान देने को तैयार नहीं है।
पानी का अस्थायी प्रबंध किया है
स्कूल में पानी की सप्लाई सुचारु न होने से कई बार पानी की कमी हो जाती है। फिर भी स्कूल की तरफ से पीने के पानी का अस्थायी प्रबंध किया हुआ है। स्कूल में वाटर कूलर भी लगे हुए हैं, लेकिन पानी की सप्लाई सुचारु न होने के कारण इनके जलने का खतरा होने पर इन्हें कई बार बंद रखना पड़ता है। फिर भी हम कोशिश करते हैं कि बच्चों को पीने पानी की समस्या ना आए।
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यशपाल रणौत ( उप प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार)
स्कूल प्रबंधन से बात की जाएगी
स्कूल प्रबंधन से बात की जाएगी और उन्हें कहा जाएगा कि वह जल शक्ति विभाग को एक पत्र लिखकर स्कूल में आ रही पानी की समस्या से अवगत करवाए, ताकि पानी की सप्लाई सुचारु रूप से हो सके।
अमरनाथ( अधीक्षक ग्रेड 1, उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर)
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रशासन ने भले ही भीषण गर्मी के चलते स्कूलों की समयसारणी में बदलाव कर दिया हो, लेकिन इससे भी बच्चों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई जगह स्कूली छात्रों को भीषण गर्मी में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा से दो-चार होना पड़ रहा है। यह मामला घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार का है। यहां बच्चों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्कूल में बच्चों को होने वाली पानी की किल्लत से सरकारी स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पर्याप्त फंड मिलने के बाद भी शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बच्चों को पीने का पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसे शिक्षा विभाग की उदासीनता कहें या फिर जल शक्ति विभाग की लापरवाही, जिससे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
वहीं, अभिभावकों में रोष है कि स्कूल में पीने के पानी की सप्लाई सप्ताह में दो से तीन बार ही हो पाती है। हालांकि, स्कूल की तरफ से पानी का अस्थायी प्रबंध भी किया गया है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं हो रहा है। इसका कारण है पानी की जो थोड़ी बहुत सप्लाई आती भी है, वह सीधी टंकियों में जाती है जोकि स्कूल की छत्तों पर रखी हुई हैं। दोपहर होते-होते पानी आग की तरह गर्म हो जाता है। जिसे पीना तो दूर की बात है छूना भी मुनासिब नहीं होता। हालांकि, बच्चे सुबह घर से पानी की बोतल लेकर साथ आते हैं, लेकिन स्कूल पहुंचने की कुछ देर बाद ही बोतल का पानी खत्म हो जाने के बाद बच्चों को पीने के पानी की दिक्कत आ रही है। स्कूल प्रशासन की माने तो स्कूल में वाटर कूलर लगा हुआ है, लेकिन पानी की सप्लाई सुचारु न होने के कारण इन्हें बंद करना पड़ता है, क्योंकि वाटर कूलर में पानी न होने की वजह से इनके जलने का खतरा बना रहता है। अभिभावकों रेखा, विनोद, राकेश, रिंकू, ममता आदि का कहना है कि भीषण गर्मी में स्कूल में पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चे स्कूल में टंकियां का गर्म पानी पीने को मजबूर है लेकिन कोई भी इस तरफ ध्यान देने को तैयार नहीं है।
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पानी का अस्थायी प्रबंध किया है
स्कूल में पानी की सप्लाई सुचारु न होने से कई बार पानी की कमी हो जाती है। फिर भी स्कूल की तरफ से पीने के पानी का अस्थायी प्रबंध किया हुआ है। स्कूल में वाटर कूलर भी लगे हुए हैं, लेकिन पानी की सप्लाई सुचारु न होने के कारण इनके जलने का खतरा होने पर इन्हें कई बार बंद रखना पड़ता है। फिर भी हम कोशिश करते हैं कि बच्चों को पीने पानी की समस्या ना आए।
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यशपाल रणौत ( उप प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार)
स्कूल प्रबंधन से बात की जाएगी
स्कूल प्रबंधन से बात की जाएगी और उन्हें कहा जाएगा कि वह जल शक्ति विभाग को एक पत्र लिखकर स्कूल में आ रही पानी की समस्या से अवगत करवाए, ताकि पानी की सप्लाई सुचारु रूप से हो सके।
अमरनाथ( अधीक्षक ग्रेड 1, उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर)