फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   life time imprisionment order by court burn case

बहू को जिंदा जलाने पर ससुर को उम्रकैद की सजा

Sun, 28 Aug 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर)
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर) Updated Sun, 28 Aug 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
life time imprisionment order by court burn case
Jail

सत्र न्यायाधीश बहादुर सिंह की अदालत ने बहू को जिंदा जलाने के आरोप सिद्ध होने पर ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को जुर्माना अदा करने के आदेश भी दिए है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी ने अपनी बहू पर तेल डाल कर उसे जिंदा जला दिया था। इस मामले में जिला न्यायवादी संदीप अत्री ने कोर्ट में 21 गवाह पेश किए। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उक्त सजा सुनाई है।

विज्ञापन


उल्लेखनीय 8.5.2014 को जिला सलणू गांव में कमल कुमार और उसकी पत्नी अंजना अपने कमरे में थे। इसी दौरान ससुर बालक राम सेवानिवृत्त एसआई, सास राम प्यारी और देवर विजय कुमार कमरे में आ धमके। जहां उन्होंने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान राम प्यारी और विजय ने कमल पर हमला कर दिया। कमल को बचाने के लिए उसकी पत्नी अंजना आगे आई। इसी दौरान ससुर बालक राम ने अंजना पर मिट्टी का तेल डाल कर उसे आग लगा दी।
विज्ञापन


आग लगने पर अंजना घर से बाहर की ओर भागी। वहीं कमल कुमार ने किसी तरह आग को बुझाकर उसे पीएचसी बरमाण पहुंचाया। जहां से उसे हालत नाजुक होने पर बिलासपुर अस्पताल के लिए रेफर किया गया। उपचार के बाद डीआरओ शशी नेगी ने महिला के बयान दर्ज किए। इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जबकि महिला को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। जहां 24.6.2014 को महिला ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की सुनवाई के दौरान जिला न्यायवादी संदीप अत्री ने मामले में 21 गवाह पेश किए। इसके आधार पर कोर्ट ने सेवानिवृत्त एसआई बालक राम को आईपीसी की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना देने के भी आदेश दिए हैं।


जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास, 326ए के के तहत 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना और आईपीसी की धारा 452 के तहत तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने की सूरत में तीन महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माने में से 20 हजार की राशि मृतक के लीगल हेयर को दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed