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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   govt pipes is issued in private work

निजी कार्य में इस्तेमाल हो रहीं सरकारी पाइपें

Tue, 15 Nov 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो, अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Tue, 15 Nov 2016 10:37 PM IST
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जिला में आईपीएच की पाइपों का काला कारोबार कर गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है। विभाग की पाइपें सरकारी योजना की जगह निजी कार्य में प्रयोग हो रही हैं। पाइपों से विभाग के निशान मिटाकर इनका प्रयोग किया जा रहा है। मामले का खुलासा होने के बाद आईपीएच विभाग में हड़कंप मचा है। 

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ठेकेदार का कहना है कि पाइपें कबाड़ी से खरीदी हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि विभाग की पाइपें कबाड़ी के पास कैसे पहुंची? इसके लिए कौन जिम्मेवार है। विभाग के आला अधिकारी, स्टोर इंचार्ज या फिर कोई और यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। इस मामले में बड़े लोगों का हाथ होने का पूरा संदेह है, क्योंकि पाइपों को परिधि गृह के परिसर में स्टोर कर रखा गया है। 
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जानकारी के मुताबिक स्थानीय परिधि गृह में ढाई इंच की करीब 15 से 18 पाइपें पड़ी हैं। इनमें से कुछ पाइपों को काट दिया गया है। यह पाइपें आईपीएच विभाग की हैं। जिन्हें काफी दिनों से यहां रखा गया है। पाइपों पर लगे विभागीय निशानों को जगह-जगह से मिटाया गया है। पाइपों के मिलने के मामले को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी जानकारी न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इस बारे में जानकारी मिलते ही विभाग के एक्सईएन और जेई मौके पर पहुंचे। संबंधित ठेकेदार को भी मौके पर बुलाया गया। ठेकेदार का कहना था कि यह पाइपें उन्होंने किसी कबाड़ी से खरीदी हैं। अब यदि ठेकेदार की बात में सच्चाई है, तो सवाल यह उठता है कि कबाड़ी के पास आईपीएच विभाग की पाइपें कैसे पहुंचीं?
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कबाड़ी से खरीदी हैं पाइपें : ठेकेदार 
संबंधित ठेकेदार शीतल ने बताया कि उसने यह पाइपें कबाड़ी से खरीदी हैं। जिससे वह कई बार अपने काम से संबंधित सामान की खरीद-फरोख्त करता है। 

सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग नहीं होगा सहन : रामलाल ठाकुर 
बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर ने मौके पर जाकर पाइपों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह सरासर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग है। जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। जो भी इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 


मामले की जांच जारी : एसके पटियाल 
आईपीएच विभाग के एक्सईएन एसके पटियाल ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है। 

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