एएलआईसी एजेंट के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी केस के आदेश
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न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं प्रतिभा नेगी ने पुलिस थाना तलाई के प्रभारी को भारतीय जीवन बीमा निगम के एजेंट के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी करने पर आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। शिकायतकर्ता लेख राम पुत्र जिंदू राम निवासी बलोह तहसील झंडूता के वकील कुलवंत सिंह चंदेल ने बताया कि शिकायतकर्ता ने माननीय अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के अंतर्गत शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें कहा गया था कि शिकायतकर्ता लेखराम और उनकी धर्मपत्नी कमला देवी ने एलआईसी मार्केट प्लस सिंगल प्रीमियम पॉलिसी के लिए आवेदन किया था।
यह आवेदन उन्होंने एलआईसी एजेंट राजेश कुमार पुत्र सदाराम निवासी बलोह तहसील झंडूता के कहने पर किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एलआईसी एजेंट राजेश कुमार ने सिंगल प्रीमियम पॉलिसी को रेगुलर प्रीमियम पॉलिसी में तबदील कर दिया। शिकायतकर्ता ने सिंगल प्रीमियम पॉलिसी के लिए 50- 50 हजार रुपये राजेश कुमार को दिए, लेकिन राजेश कुमार ने शिकायतकर्ता व उनकी पत्नी की पॉलिसी को वार्षिक प्रीमियम में बदल दिया और दोनों की 25-25 हजार की 2-2 पॉलिसी बना दी।
शिकायत पत्र में कहा गया कि जो आवेदन पत्र भरे गए उनके ऊपर राजेश कुमार ने स्वयं लेखराम और कमला देवी के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। गौर हो कि शिकायतकर्ता लेखराम का आवेदन पत्र 8 सितंबर, 2008 जो भरा गया, लेकिन इस व्यति की एजेंट रिपोर्ट 21 अगस्त, 2008 को ही तैयार कर ली गई। अदालत में यह दलील दी गई की एजेंट रिपोर्ट आवेदन पत्र कार्यालय में पहुंचने के उपरांत तैयार की जानी थी।
शिकायतकर्ता ने अपने हस्ताक्षरों को प्रमाणित करने के लिए अपने बैंक से हस्ताक्षरों के नमूने प्राप्त किए। इनसे साफ जाहिर हो रहा था कि आवेदन पत्रों पर किए हस्ताक्षर शिकायतकर्ता लेखराम और कमला देवी के हस्ताक्षरों से मेल नहीं खा रहे थे।
दोगुना पैसा होने का दिया झांसा
शिकायत में यह भी कहा गया कि राजेश कुमार ने पॉलिसी का आवेदन करते समय इसकी शर्तों को भी छुपाया और दोनों को कहा कि 3 वर्ष के बाद पॉलिसी के आधार पर उन्हें दोगुना पैसा मिलेगा। लेकिन इन लोगों को इस प्रकार का कोई भी लाभ भारतीय जीवन बीमा की ओर से नहीं मिला। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब राजेश कुमार से इस मामले में बात की गई, तो उसने इन लोगों को धमकियां भी दी और कहा कि जो करना है, कर लो।
शिकायतकर्ता ने उसके बाद डीएसपी घुमारवीं को शिकायत की, लेकिन उस पर पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। शिकायतकर्ता के वकील ने बताया कि जब पुलिस की ओर से इस मामले में कोई खास कार्यवाही होती नजर नहीं आई, तब शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में यह शिकायत पत्र दर्ज करवाया गया।
उन्होंने बताया कि अदालत ने पुलिस को निर्देश जारी किए हैं कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 470, 504 व 506 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।