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चेक बाउंस मामले में सत्र न्यायाधीश ने बरकरार रखा निचली अदालत का फैसला
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घुमारवीं (बिलासपुर)। सत्र न्यायाधीश बिलासपुर आरके चौधरी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते आरोपी की अपील को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता के वकील सुमन सिंह चंदेल ने बताया कि घुमारवीं की अदालत ने मामले के आरोपी संदीप कुमार पुत्र एचआर शर्मा निवासी गांव टिक्करी तहसील घुमारवीं को दोषी करार देते हुए तीन माह के कारावास तथा 60 हजार रुपये अदा करने की सजा सुनाई थी।
उन्होंने बताया कि मामले के आरोपी संदीप कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक की घुमारवीं शाखा से 13 जनवरी 2016 को डेढ़ लाख रुपये लोन लिया था। लोन लेने के उपरांत आरोपी लोन को वापस नहीं कर रहा था। बैंक के कर्मचारियों के बार-बार आग्रह के उपरांत आरोपी ने 20 जून 2017 को 30 हजार रुपये का एक चेक बैंक को दिया था। बैंक ने इस चेक को अदायगी के लिए आरोपी के खाते में लगाया था। आरोपी के खाते में पैसे न होने के चलते उसका दिया हुआ चेक बाउंस हो गया। उसके उपरांत बैंक ने अपने वकील सुमन सिंह चंदेल के माध्यम से आरोपी को लीगल नोटिस जारी किया था।
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लीगल नोटिस में कहा गया था कि 15 दिन के भीतर आरोपी 30 हजार रुपये बैंक में जमा करवाए लेकिन आरोपी ने न तो पैसे जमा करवाएं और न ही लीगल नोटिस का कोई जवाब दिया। उसके उपरांत बैंक ने चेक बाउंस की एक शिकायत पत्र अदालत में दायर कर दी। घुमारवीं की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 माह के कारावास तथा 60 हजार रुपये हर्जाना अदा करने की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इन्हीं आदेशों की अपील सत्र न्यायालय में दायर की थी। अदालत ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।
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