फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   मादक पदार्थ के आरोपी सिद्ध होने दस साल की कैद

मादक पदार्थ के आरोपी सिद्ध होने दस साल की कैद

Thu, 27 Jun 2019 09:08 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 09:08 PM IST
विज्ञापन
मादक पदार्थ के आरोपी सिद्ध होने दस साल की कैद
नशा तस्करी का आरोप सिद्ध होने
विज्ञापन

पर दस साल का कठोर कारावास
विशेष सत्र न्यायाधीश अमन सूद की अदालत ने सुनाया फैसला
दोषी को एक लाख रुपये जुर्माना भी भरना होगा
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। 20 किलो ग्राम चूरा पोस्त और 13,300 नशीली दवाइयों के साथ गिरफ्तार आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश अमन सूद की अदालत ने आरोप सिद्ध होने पर दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास और दस लाख रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उप जिला न्यायवादी घुमारवीं कैंप बिलासपुर ने बताया मुलजिम रविंद्र कुमार पुत्र गुरुवचन गांव रंडाला डाकघर लुनस तहसील नालागढ़ पुलिस स्टेशन रामशहर जिला सोलन हिमाचल प्रदेश धारा 15,बी मादक स्वापक औषधि अधिनियम और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी रविंद्र कुमार को धारा 15 बी के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का कठोर कारावास और धारा 21 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास दोनों सजाएं एक साथ लागू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 16 अक्तूबर 2015 को शाम 4 बजे जबल नामक स्थान के पास मुलजिम रविंद्र कुमार को 20 किलो ग्राम चूरा पोस्त और 13,300 नशीली दवाई माईक्रोलिट के साथ गिरफ्तार किया गया था और जुर्म धारा 15 बी और 21 मादक स्वापक औषधि अधिनियम तथा मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम की जद में पाया गया।
विज्ञापन

इसकी सूचना थाना स्वारघाट में की गई और एफआईआर 75,15 दर्ज की गई और उसका चालान अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों की दलील अदालत में पेश की। उन्होंने बताया कि केस की पैरवी विनोद भारद्वाज, उमेश शर्मा, नवीन धीमान उप जिला न्यायवादी ने व्की। जबफि मामले की छानबीन इंस्पेक्टर कर्म सिंह ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed