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सहकारी सभा में 11 करोड़ के घोटाले का खुलाया
Updated Tue, 18 Sep 2018 08:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं(बिलासपुर)। विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत पपलाह व करलोटी की सहकारी सभा द्वारा लगभग 11 करोड़ का घोटाला करने का मामला सामने आ चुका है। यह आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा क्योंकि अभी सभा का ऑडिट चल रहा है। उल्लेखनीय है कि पपलाह स्थित द करलोटी कृषि सेवा सहकारी सभा सीमित में चल रहे ऑडिट में घोटाले का बड़ा खुलासा जल्द हो सकता है। वहीं घोटाले की खबर सामने आने पर खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सभा के सचिव की अचानक मृत्यु के बाद यह मामले प्रकाश में आया जिस पर खाता धारकों के दबाव के चलते सभा ने ऑडिट करवाने का फैसला लिया था। अभी तक ऑडिट पूरा भी नहीं हुआ है और एक माह के अंदर लगभग 11 करोड़ का गबन सामने आ चुका है। जबकि यह आंकड़ा अभी ऑडिट में और बढ़ सकता है। जिला में इस प्रकार की सहकारी सभाएं लगभग 70 हैं जिनकी लगभग 200 उचित मूल्य की दुकानें हैं जहां पर ग्रामीणों को सरकार द्वारा सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाता है।
बुद्धिजीवियों के अनुसार अधिकांश सहकारी सभाओं में सरकार का नियंत्रण न होने की वजह से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। गरीब लोगों ने दिहाड़ी मजदूरी करके अपने खून पसीने की कमाई सहकारी सभा में जमा करवा रखी है कि बुरे वक्त वह राशि उनके काम आएगी।
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खाताधारकों में अशोक कुमार, वीर सिंह, मदन लाल, धर्म सिंह, मान सिंह, कुलदीप सिंह, जय सिंह, राकेश, राजकुमार, संजीव कुमार, धर्म सिंह सहित लगभग सौ खाता धारकों ने बताया कि गांव में पैसे खोने के गम में कुछ धारकों की हार्ट अटैक से मौत भी हो चुकी है लेकिन अभी तक पूरी तरह से यह तस्वीर साफ नहीं हुई है। बहुत जल्द ही घोटाले का आंकड़ा साफ होने की उम्मीद है।
उधर ग्रामीणों ने कहा है कि यदि इन सहकारी सभाओं पर सरकार का नियंत्रण होता तो यह सभाएं इस प्रकार के घोटाले को अंजाम नहीं दे सकती थी। इस प्रकार के अंकेक्षण अन्य सभाओं में भी चल रहे हैं जहां भी गड़बड़ी होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उधर अंकेक्षण अधिकारी देवराज डोगरा ने इस बात की पुष्टि की है कि सहकारी सभा में गड़बड़ी हुई है लेकिन फाइनल रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
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बरठीं(बिलासपुर)। विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत पपलाह व करलोटी की सहकारी सभा द्वारा लगभग 11 करोड़ का घोटाला करने का मामला सामने आ चुका है। यह आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा क्योंकि अभी सभा का ऑडिट चल रहा है। उल्लेखनीय है कि पपलाह स्थित द करलोटी कृषि सेवा सहकारी सभा सीमित में चल रहे ऑडिट में घोटाले का बड़ा खुलासा जल्द हो सकता है। वहीं घोटाले की खबर सामने आने पर खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सभा के सचिव की अचानक मृत्यु के बाद यह मामले प्रकाश में आया जिस पर खाता धारकों के दबाव के चलते सभा ने ऑडिट करवाने का फैसला लिया था। अभी तक ऑडिट पूरा भी नहीं हुआ है और एक माह के अंदर लगभग 11 करोड़ का गबन सामने आ चुका है। जबकि यह आंकड़ा अभी ऑडिट में और बढ़ सकता है। जिला में इस प्रकार की सहकारी सभाएं लगभग 70 हैं जिनकी लगभग 200 उचित मूल्य की दुकानें हैं जहां पर ग्रामीणों को सरकार द्वारा सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाता है।
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बुद्धिजीवियों के अनुसार अधिकांश सहकारी सभाओं में सरकार का नियंत्रण न होने की वजह से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। गरीब लोगों ने दिहाड़ी मजदूरी करके अपने खून पसीने की कमाई सहकारी सभा में जमा करवा रखी है कि बुरे वक्त वह राशि उनके काम आएगी।
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खाताधारकों में अशोक कुमार, वीर सिंह, मदन लाल, धर्म सिंह, मान सिंह, कुलदीप सिंह, जय सिंह, राकेश, राजकुमार, संजीव कुमार, धर्म सिंह सहित लगभग सौ खाता धारकों ने बताया कि गांव में पैसे खोने के गम में कुछ धारकों की हार्ट अटैक से मौत भी हो चुकी है लेकिन अभी तक पूरी तरह से यह तस्वीर साफ नहीं हुई है। बहुत जल्द ही घोटाले का आंकड़ा साफ होने की उम्मीद है।
उधर ग्रामीणों ने कहा है कि यदि इन सहकारी सभाओं पर सरकार का नियंत्रण होता तो यह सभाएं इस प्रकार के घोटाले को अंजाम नहीं दे सकती थी। इस प्रकार के अंकेक्षण अन्य सभाओं में भी चल रहे हैं जहां भी गड़बड़ी होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उधर अंकेक्षण अधिकारी देवराज डोगरा ने इस बात की पुष्टि की है कि सहकारी सभा में गड़बड़ी हुई है लेकिन फाइनल रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।