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सीर खड्ड के चैनलाइजेशन कार्य में गड़बड़ी की आशंका
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भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत बम्म क्षेत्र में सीर खड्ड में चैनलाइजेशन के कार्य में गोलमाल की आशंका है। यहां पर जो पत्थर लगाया गया है वह इसी खड्ड से उठाकर लगा दिया गया है। ठेकेदारों ने पत्थर इसी खड्ड से उठाकर सरकार को चूना लगाया है। जानकारी के मुताबिक इस खड्ड में चैनलाइजेशन के लिए दूसरी जगह से पत्थर आना था।
बम्म के अनंत राम ने सूचना के अधिकार से ली गई जानकारी में यह बात सामने आई है। अनंत राम ने बताया कि खड्ड के चैनलाइजेशन का कार्य करीब 4 साल पहले हुआ है। करीब 15 करोड़ का कार्य ठेकेदारों को आवंटित हुआ था। बताया कि इस कार्य को करने में काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। पत्थर इसी खड्ड से उठाया गया। अवैध खनन को अंजाम दिया गया है। इस अवैध खनन पर किसी ने रोक नहीं लगाई।
गौर रहे कि जाहू से लेकर बम्म क्षेत्र तक 23.17 करोड़ रुपये की डीपीआर सीर खड्ड के चैनलाइजेशन के लिए तैयार की थी। वर्ष 2016 तक इस कार्य पर 15 करोड़ रुपये तक खर्च किए गए हैं। अनंत राम के मुताबिक खड्ड के चैनलाइजेशन के दौरान अवैध खनन करते समय जेसीबी और ट्रकों के चालान काटकर मात्र औपचारिकताएं की गईं। जबकि नियमों के तहत इस खड्ड से एक भी पत्थर उठाकर इस चैनलाइजेशन के कार्य में नहीं लगना था। अनंत राम ने कहा कि इस काम को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया। लेकिन, इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस कार्य की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए ताकि इसका सच सामने आ सके।
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उधर, अधिशाषी अभियंता सतीश कुमार ने कहा कि यह कार्य उनके यहां आने से पहले पूरा हो चुका है। पत्थर कहां से लगना था यह जानकारी नहीं है। अगर जांच के कोई आदेश जारी होते हैं तो उचित कार्रवाई करेंगे।
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बम्म के अनंत राम ने सूचना के अधिकार से ली गई जानकारी में यह बात सामने आई है। अनंत राम ने बताया कि खड्ड के चैनलाइजेशन का कार्य करीब 4 साल पहले हुआ है। करीब 15 करोड़ का कार्य ठेकेदारों को आवंटित हुआ था। बताया कि इस कार्य को करने में काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। पत्थर इसी खड्ड से उठाया गया। अवैध खनन को अंजाम दिया गया है। इस अवैध खनन पर किसी ने रोक नहीं लगाई।
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गौर रहे कि जाहू से लेकर बम्म क्षेत्र तक 23.17 करोड़ रुपये की डीपीआर सीर खड्ड के चैनलाइजेशन के लिए तैयार की थी। वर्ष 2016 तक इस कार्य पर 15 करोड़ रुपये तक खर्च किए गए हैं। अनंत राम के मुताबिक खड्ड के चैनलाइजेशन के दौरान अवैध खनन करते समय जेसीबी और ट्रकों के चालान काटकर मात्र औपचारिकताएं की गईं। जबकि नियमों के तहत इस खड्ड से एक भी पत्थर उठाकर इस चैनलाइजेशन के कार्य में नहीं लगना था। अनंत राम ने कहा कि इस काम को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया। लेकिन, इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस कार्य की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए ताकि इसका सच सामने आ सके।
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उधर, अधिशाषी अभियंता सतीश कुमार ने कहा कि यह कार्य उनके यहां आने से पहले पूरा हो चुका है। पत्थर कहां से लगना था यह जानकारी नहीं है। अगर जांच के कोई आदेश जारी होते हैं तो उचित कार्रवाई करेंगे।