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Bilaspur News: गोबिंद सागर और कोलडैम में अवैध मत्स्य आखेट पर शिकंजा

Tue, 19 May 2026 11:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 11:12 PM IST
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Crackdown on illegal fishing in Gobind Sagar and Koldam
गोबिंद सागर झील में अवैध शिकार के दौरान कार्रवाई करते अधिकारी। स्रोत: मत्स्य विभाग
दाे दिन की ताबड़तोड़ दबिश, प्रतिबंधित जाल जब्त, अवैध मछली तस्करी का खुलासा
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रात के अंधेरे में चल रहा खेल, विभाग ने काटे चालान
छोटी मछलियों के शिकार से जलाशय की संपदा पर मंडरा रहा खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर और कोलडैम जलाशयों में अवैध मत्स्य शिकार करने वालों के खिलाफ मत्स्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की विशेष गश्त टीमों ने दो दिन तक अभियान चलाया। इस दौरान अवैध जाल, मछली तस्करी और नियमों के उल्लंघन के कई मामलों का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 50 किलोग्राम से अधिक अंडर साइज और प्रतिबंधित जाल जब्त किए गए, जबकि अवैध मछली परिवहन करने वालों से हजारों रुपये जुर्माना और मुआवजा राशि वसूली गई।
मत्स्य विभाग की टीमों ने दो दिन तक गोबिंद सागर जलाशय के बडडू, लुरहाड़, दाड़ीभाड़ी, बागछाल, खोली और बालू क्षेत्रों में ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाया। मत्स्य अधिकारी जकातखाना सुरम सिंह की टीम ने गश्त के दौरान करीब 21 किलोग्राम अंडर साइज जाल पकड़े। विभाग के अनुसार इन जालों का इस्तेमाल छोटी मछलियों के शिकार के लिए किया जा रहा था। इससे भविष्य के मत्स्य उत्पादन को भारी नुकसान पहुंच सकता था।
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बागछाल क्षेत्र में टीम ने अवैध रूप से मछली पकड़ते हुए एक व्यक्ति को पकड़ लिया। उससे जुर्माना और मुआवजा राशि वसूली गई। विभाग का कहना है कि लगातार चेतावनी के बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे अवैध शिकार कर रहे हैं।
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कोलडैम में अंधेरे में चल रहा अवैध कारोबार
कोलडैम जलाशय में मत्स्य विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ा खुलासा किया। मत्स्य क्षेत्रीय सहायक सुन्नी हरीश कुमार ने सुन्नी क्षेत्र के पास अवैध मछली परिवहन के तीन मामले पकड़े। कार्रवाई के दौरान 10 हजार रुपये मुआवजा राशि वसूली गई। वहीं करीब 20 किलोग्राम मछली खराब हालत में मिलने पर विभाग को उसे नष्ट करना पड़ा।
मत्स्य अधिकारी मंदली विवेक कमल और उनकी टीम ने गोबिंद सागर जलाशय के बीट नंबर-1 में कार्रवाई करते हुए खोली और बालू क्षेत्र से करीब 30 किलोग्राम प्रतिबंधित गिल नेट जब्त किए। विभाग के मुताबिक इन जालों से छोटी मछलियां बड़ी संख्या में फंस जाती हैं, जिससे जलाशय की प्राकृतिक मत्स्य शृंखला प्रभावित होती है।
सीर खड्ड क्षेत्र में मत्स्य क्षेत्रीय सहायक अभिनीत ने गश्त के दौरान अवैध मत्स्य शिकार के दो मामलों का खुलासा किया। विभाग ने आरोपियों से मुआवजा राशि वसूली। इसके अलावा पकड़ी गई 7 किलोग्राम मछली की नीलामी कर राजस्व भी प्राप्त किया।
सहायक निदेशक मत्स्य मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर ने बताया कि गोबिंद सागर जलाशय में 46 और कोलडैम में 4 मत्स्य सहकारी सभाओं से 2500 से अधिक मछुआरे रोजगार से जुड़े हैं। विभाग हर वर्ष लाखों की संख्या में मत्स्य बीज जलाशयों में डालता है ताकि उत्पादन लगातार बढ़ सके। विभाग के संरक्षण प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन अवैध शिकार और अंडर साइज जाल इस पूरी व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट प्रतिबंधित
मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रजनन अवधि के दौरान 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान सक्रिय मछुआरों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, ताकि प्राकृतिक प्रजनन प्रक्रिया सुरक्षित रह सके। निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल ने कहा कि जलाशयों में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गोबिंद सागर झील में अवैध शिकार के दौरान कार्रवाई करते अधिकारी। स्रोत: मत्स्य विभाग

गोबिंद सागर झील में अवैध शिकार के दौरान कार्रवाई करते अधिकारी। स्रोत: मत्स्य विभाग

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