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न्यायाधीश की सीधी भर्ती का अधिवक्ता संघ ने किया विरोध
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घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं अधिवक्ता संघ की बैठक प्रधान संजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उच्च न्यायालय की ओर से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सीधी भर्ती के लिए न्यायिक अधिकारियों को योग्य घोषित किए जाने के निर्णय पर विचार-विमर्श किया गया।
बार संघ ने इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए शुक्रवार को उपमंडल घुमारवीं व झंडूता अदालती कामकाज में भाग ना लेने का निर्णय लिया गया। संघ महासचिव पंकज भारद्वाज ने बताया कि संघ की ओर से आयोजित आपात बैठक में प्रदेश हाई कोर्ट बार संघ के प्रतिवेदन पर शुक्रवार को बैठक आयोजित कर इस निर्णय का बहिष्कार किया गया। संघ प्रधान ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 (अ) के तहत कोई भी न्यायिक अधिकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सीधी भर्ती के लिए योग्य नहीं है।
इस पद को केवल 7 वर्ष से अधिक वकालत करने वाले अधिवक्ता से ही भरने का प्रावधान है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 (अ) के तिथि उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियम बनाए हैं। इनमें स्पष्ट है कि केवल 7 साल या इससे अधिक वकालत वाले वकील ही इस पद के लिए योग्य हैं। संघ ने माननीय उच्च न्यायालय से गुजारिश की है कि जब तक मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है तब तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की भर्ती ना की जाए। बैठक में महासचिव पंकज भारद्वाज, उपप्रधान राजेश गुलेरी, कोषाध्यक्ष संतोष चंदेल, वित्त सचिव अजय कुमार, सह सचिव नरेश भारद्वाज कार्यकारिणी सदस्य अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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बार संघ ने इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए शुक्रवार को उपमंडल घुमारवीं व झंडूता अदालती कामकाज में भाग ना लेने का निर्णय लिया गया। संघ महासचिव पंकज भारद्वाज ने बताया कि संघ की ओर से आयोजित आपात बैठक में प्रदेश हाई कोर्ट बार संघ के प्रतिवेदन पर शुक्रवार को बैठक आयोजित कर इस निर्णय का बहिष्कार किया गया। संघ प्रधान ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 (अ) के तहत कोई भी न्यायिक अधिकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सीधी भर्ती के लिए योग्य नहीं है।
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इस पद को केवल 7 वर्ष से अधिक वकालत करने वाले अधिवक्ता से ही भरने का प्रावधान है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 (अ) के तिथि उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियम बनाए हैं। इनमें स्पष्ट है कि केवल 7 साल या इससे अधिक वकालत वाले वकील ही इस पद के लिए योग्य हैं। संघ ने माननीय उच्च न्यायालय से गुजारिश की है कि जब तक मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है तब तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की भर्ती ना की जाए। बैठक में महासचिव पंकज भारद्वाज, उपप्रधान राजेश गुलेरी, कोषाध्यक्ष संतोष चंदेल, वित्त सचिव अजय कुमार, सह सचिव नरेश भारद्वाज कार्यकारिणी सदस्य अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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