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Bilaspur News: युवा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन की राज्य कार्यकारिणी भंग करने के बयान पर विवाद
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बिलासपुर जिला इकाई ने किया विरोध, कहा- बिना चर्चा फैसला हुआ तो सामूहिक इस्तीफा देंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश युवा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन की राज्य कार्यकारिणी को भंग करने संबंधी बयान के बाद संगठन में विवाद खड़ा हो गया है। बिलासपुर जिला कार्यकारिणी ने बयान का विरोध करते हुए मौजूदा राज्य कार्यकारिणी के समर्थन में खड़े होने का एलान किया है। जिला इकाई का कहना है कि प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने जैसा फैसला लेने से पहले सभी जिला इकाइयों से चर्चा की जानी चाहिए थी।
जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने कहा कि बिलासपुर इकाई को इस संबंध में न तो विश्वास में लिया गया और न ही बैठक कर राय ली गई। उनके अनुसार छह सितंबर को कांगड़ा के धर्मशाला में कर्मचारी एकता मंच के नाम से अन्य जिला प्रधानों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद राज्य कार्यकारिणी को भंग करने संबंधी बयान सामने आया। बिलासपुर इकाई का कहना है कि बैठक और निर्णय में उसकी कोई भागीदारी नहीं थी। जिला कर्मचारियों से भी इस विषय पर विचार-विमर्श नहीं किया गया।
जिला कार्यकारिणी ने कहा कि संगठन कई जिला इकाइयों और कर्मचारियों को साथ लेकर चलता है। ऐसे में प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय सभी संबंधित इकाइयों से चर्चा और सहमति के बाद ही लिया जाना चाहिए। किसी एक बैठक के आधार पर ऐसा बयान देना संगठनात्मक व्यवस्था और अनुशासन के अनुरूप नहीं है।
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जिला पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य कार्यकारिणी कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाती रही है। पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों के हित में किए गए कार्यों का लाभ संगठन के सदस्यों को मिला है। ऐसे में मौजूदा कार्यकारिणी को भंग करने की जरूरत पर भी सवाल उठाए गए हैं। बिलासपुर इकाई ने स्पष्ट किया कि वह वर्तमान राज्य कार्यकारिणी के साथ खड़ी है।
जिला कार्यकारिणी ने कहा कि यदि बिना उचित प्रक्रिया और जिला इकाइयों से चर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का प्रयास किया गया तो बिलासपुर के कर्मचारी इसका विरोध करेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में जिला कार्यकारिणी सामूहिक रूप से इस्तीफा देने पर मजबूर होगी। संयुक्त बयान जारी करने वालों में उपप्रधान सीताराम वर्मा, मुख्य सचिव मनोहर लाल, सह सचिव शंकर दास मराठा, कोषाध्यक्ष जगदीश चंद, मुख्य सलाहकार हेमराज, सलाहकार नंद लाल, उपाध्यक्ष कुलदीप, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार तथा कार्यकारी सदस्य कमला देवी और कमलेश कुमारी शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश युवा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन की राज्य कार्यकारिणी को भंग करने संबंधी बयान के बाद संगठन में विवाद खड़ा हो गया है। बिलासपुर जिला कार्यकारिणी ने बयान का विरोध करते हुए मौजूदा राज्य कार्यकारिणी के समर्थन में खड़े होने का एलान किया है। जिला इकाई का कहना है कि प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने जैसा फैसला लेने से पहले सभी जिला इकाइयों से चर्चा की जानी चाहिए थी।
जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने कहा कि बिलासपुर इकाई को इस संबंध में न तो विश्वास में लिया गया और न ही बैठक कर राय ली गई। उनके अनुसार छह सितंबर को कांगड़ा के धर्मशाला में कर्मचारी एकता मंच के नाम से अन्य जिला प्रधानों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद राज्य कार्यकारिणी को भंग करने संबंधी बयान सामने आया। बिलासपुर इकाई का कहना है कि बैठक और निर्णय में उसकी कोई भागीदारी नहीं थी। जिला कर्मचारियों से भी इस विषय पर विचार-विमर्श नहीं किया गया।
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जिला कार्यकारिणी ने कहा कि संगठन कई जिला इकाइयों और कर्मचारियों को साथ लेकर चलता है। ऐसे में प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय सभी संबंधित इकाइयों से चर्चा और सहमति के बाद ही लिया जाना चाहिए। किसी एक बैठक के आधार पर ऐसा बयान देना संगठनात्मक व्यवस्था और अनुशासन के अनुरूप नहीं है।
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जिला पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य कार्यकारिणी कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाती रही है। पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों के हित में किए गए कार्यों का लाभ संगठन के सदस्यों को मिला है। ऐसे में मौजूदा कार्यकारिणी को भंग करने की जरूरत पर भी सवाल उठाए गए हैं। बिलासपुर इकाई ने स्पष्ट किया कि वह वर्तमान राज्य कार्यकारिणी के साथ खड़ी है।
जिला कार्यकारिणी ने कहा कि यदि बिना उचित प्रक्रिया और जिला इकाइयों से चर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का प्रयास किया गया तो बिलासपुर के कर्मचारी इसका विरोध करेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में जिला कार्यकारिणी सामूहिक रूप से इस्तीफा देने पर मजबूर होगी। संयुक्त बयान जारी करने वालों में उपप्रधान सीताराम वर्मा, मुख्य सचिव मनोहर लाल, सह सचिव शंकर दास मराठा, कोषाध्यक्ष जगदीश चंद, मुख्य सलाहकार हेमराज, सलाहकार नंद लाल, उपाध्यक्ष कुलदीप, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार तथा कार्यकारी सदस्य कमला देवी और कमलेश कुमारी शामिल हैं।