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Bilaspur News: बजट के अभाव में लटका घवांडल अस्पताल का निर्माण कार्य
Wed, 05 Nov 2025 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:09 PM IST
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घवांडल अस्पताल का भवन। संवाद
सितंबर तक तैयार होना था, अब बिजली, लिफ्ट व ट्रीटमेंट प्लांट के लिए फंड का इंतजार
16 करोड़ हो चुके हो चुके हैं खर्च, तीन करोड़ की और है आवश्यकता
तरूणेश शर्मा
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी के पास घवांडल में बन रहा सिविल अस्पताल भवन अब भी अधूरा है। सितंबर तक इसे तैयार करने का लक्ष्य था, लेकिन बजट के अभाव में काम अटक गया है। भवन में अब तक करीब 16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की और आवश्यकता है।
अभी तक अस्पताल में बिजली कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर, लिफ्ट लगाने का कार्य और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बाकी है। करीब तीन साल पहले शुरू हुआ यह निर्माण कार्य बीच में धन की कमी के चलते कई बार रुक गया। अस्पताल निर्माण कार्य शुरू करते समय इसे मार्च 2024 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। अब एक बार फिर से बजट के अभाव में कार्य लटक चुका है। वर्तमान में अस्पताल पुराने सीएचसी भवन में संचालित हो रहा है, जहां जगह की भारी कमी है। नए भवन में 50 बिस्तरों, छह ओपीडी, शवगृह और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अस्पताल के चालू होने से नयनादेवी क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी और लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। हालांकि, अब नजरें सरकार की ओर हैं कि कब बजट जारी हो और अस्पताल भवन जनता को समर्पित हो सके। इस सिविल अस्पताल में अभी पांच बिस्तर का एक ही वार्ड है। जगह की कमी से चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नए अस्पतालभवन में सभी सुविधाओं से लैस 50 बिस्तरों का भवन, छह ओपीडी कमरे और शवगृह का निर्माण किया गया है। अस्पताल में छह डॉक्टर हर समय उपलब्ध रहेंगे, जबकि लगभग 25 पैरामेडिकल का भी स्टाफ होगा। अस्पताल में पार्किंग का भी प्रावधान है, इंडोर और ओपन पार्किंग की सुविधा रहेगी। अस्पताल में खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय का भी निर्माण किया गया है। इसके अलावा चिकित्सकों के लिए आवास बनाने का भी प्रस्ताव है। बता दें कि घवांडल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य मिलने से शक्तिपीठ नयनादेवी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। संवाद
कोट
अधीक्षण अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि शेष कार्यों के लिए फंड की मांग उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। बजट मिलते ही अधूरे कार्य पूरे किए जाएंगे। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता
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16 करोड़ हो चुके हो चुके हैं खर्च, तीन करोड़ की और है आवश्यकता
तरूणेश शर्मा
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी के पास घवांडल में बन रहा सिविल अस्पताल भवन अब भी अधूरा है। सितंबर तक इसे तैयार करने का लक्ष्य था, लेकिन बजट के अभाव में काम अटक गया है। भवन में अब तक करीब 16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की और आवश्यकता है।
अभी तक अस्पताल में बिजली कनेक्शन के लिए ट्रांसफार्मर, लिफ्ट लगाने का कार्य और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बाकी है। करीब तीन साल पहले शुरू हुआ यह निर्माण कार्य बीच में धन की कमी के चलते कई बार रुक गया। अस्पताल निर्माण कार्य शुरू करते समय इसे मार्च 2024 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। अब एक बार फिर से बजट के अभाव में कार्य लटक चुका है। वर्तमान में अस्पताल पुराने सीएचसी भवन में संचालित हो रहा है, जहां जगह की भारी कमी है। नए भवन में 50 बिस्तरों, छह ओपीडी, शवगृह और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अस्पताल के चालू होने से नयनादेवी क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी और लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। हालांकि, अब नजरें सरकार की ओर हैं कि कब बजट जारी हो और अस्पताल भवन जनता को समर्पित हो सके। इस सिविल अस्पताल में अभी पांच बिस्तर का एक ही वार्ड है। जगह की कमी से चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नए अस्पतालभवन में सभी सुविधाओं से लैस 50 बिस्तरों का भवन, छह ओपीडी कमरे और शवगृह का निर्माण किया गया है। अस्पताल में छह डॉक्टर हर समय उपलब्ध रहेंगे, जबकि लगभग 25 पैरामेडिकल का भी स्टाफ होगा। अस्पताल में पार्किंग का भी प्रावधान है, इंडोर और ओपन पार्किंग की सुविधा रहेगी। अस्पताल में खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय का भी निर्माण किया गया है। इसके अलावा चिकित्सकों के लिए आवास बनाने का भी प्रस्ताव है। बता दें कि घवांडल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य मिलने से शक्तिपीठ नयनादेवी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। संवाद
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कोट
अधीक्षण अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि शेष कार्यों के लिए फंड की मांग उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। बजट मिलते ही अधूरे कार्य पूरे किए जाएंगे। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता
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