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शहीद के गांव की कहानी.. ना पक्की सड़क ना पानी
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)।
Updated Mon, 05 Sep 2016 11:43 PM IST
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शहीद सूबेदार नायक जसपाल सिंह का गांव जंडोरी आज भी सरकारी उपेक्षाओं का दंश झेल रहा है। हालत यह है कि आज तक गांव में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही आवाजाही के लिए पक्की सड़क नसीब हो पाई है। इस कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार समस्याओं को कई बार संबंधित विभागों के समक्ष रखा जा चुका है। बावजूद इसके आज तक समाधान नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यहां के प्राथमिक स्कूल, आंगनबाड़ी, डिस्पेंसरी और पशु चिकित्सालय के लिए लगाया गया मात्र एक हैंडपंप भी पिछले लंबे समय से खराब पड़ा है। इससे बच्चों सहित अन्य लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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इसके अलावा गांव में लगे अन्य हैंडपंपों का पानी भी पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता हैं। जंडोरी से गांव लेहड़ी तक की करीब 12 किलोमीटर की सड़क जब से बनी है, तब से उसे पक्का नहीं किया गया है। सड़क में जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। इससे मार्ग पर सफर करना खतरनाक हो गया है।
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परेशानी झेल रहे बुजुर्ग, विकलांगों और स्कूली बच्चे
कमल देव, जसमेर सिंह, तरसेम लाल, मदन लाल, गुरदेव सिंह, जसवंत सिंह, अर्जुन सिंह, वीर सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि गांव में पेयजल संकट है। साथ ही बरसात के मौसम में कच्ची सड़क बंद हो जाती है। इससे बुजुर्गों, शारीरिक रूप से अक्षम और मरीजों को भारी दिक्कत पेश आ रही हैं। नांगेठाकुर स्कूल को जाने वाले छात्रों के लिए भी यही एक मात्र मार्ग है। इस कारण विद्यार्थियों को हर रोज आवाजाही में परेशानियां झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन आज दिन तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
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बरसात खत्म होते ही शुरू होगा कार्य : कुंदी
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुंदी ने बताया कि सरकार ने इस सड़क के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। सड़क का टेंडर भी हो गया है बरसात खत्म होते ही सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।