फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Clouds covered Shri Nayana Devi Ji, light drizzle occurred

Bilaspur News: श्री नयना देवी जी में छाए बादल, हुई हल्की बूंदा बांदी

Sun, 08 Dec 2024 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 08 Dec 2024 11:29 PM IST
विज्ञापन
Clouds covered Shri Nayana Devi Ji, light drizzle occurred
श्री नयना देवी जी मंदिर में माता के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु । संवाद
-क्षेत्र में बारिश के लिए माता के चरणों में रखी गई है भगवान वीरभद्र की पिंडी
विज्ञापन

-रविवार को 20 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा


संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में रविवार घने बादल छाए और हल्की बूंदा बांदी हुई। बारिश के लिए मंदिर परिसर में वीरवार को ही भगवान वीरभद्र की पिंडी को माता के चरणों में स्थापित किया गया है। माना जाता है कि पिंडी स्थापना के सात दिन के अंदर बारिश होती है। अच्छी बारिश होने के बाद पिंडी को अपने मूल स्थान पर दोबारा रख दिया जाएगा।

क्षेत्र में सूखे से निपटने के लिए मंदिर के पुजारियों ने विधिवत रूप से भगवान वीरभद्र की पिंडी को माता के चरणों में स्थापित किया है। मान्यताओं के अनुसार पिंडी स्थापना के सात दिन के अंदर बारिश होती है, जिसके बाद पिंडी को वापस अपने स्थान पर रख दिया जाता है। तीन दिन बाद ही हल्की बूंदा बांदी होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही अच्छी बारिश होगी और सूखे से राहत मिलेगी। मंदिर के पुजारियों के अनुसार जब भी प्रदेश में लंबे समय तक बारिश नहीं होती और सूखे जैसे हालात पैदा हो जाते हैं, तब मंदिर में भगवान वीरभद्र की पिंडी को विशेष रूप से माता के चरणों में रखा जाता है। इस धार्मिक क्रिया का उद्देश्य है कि देवी मां और भगवान वीरभद्र की कृपा से बारिश का आगमन हो और सूखा खत्म हो। यह परंपरा बुजुर्गों की ओर से शुरू की गई थी। भगवान वीरभद्र की पिंडी को मंदिर की परिक्रमा करवा कर बाहर माता के चरणों में रख दिया गया है। इसके कुछ दिनों बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है जो रविवार को देखने को मिला। वहीं, रविवार को करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं और परिवार की सुख शांति के लिए कामना की। मंदिर के द्वार सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु खोल दिए गए थे। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु हिमाचल के साथ पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से भी पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed