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Bilaspur News: नयना देवी मेले में सफाई व्यवस्था पर सवाल, भिखारियों से भी श्रद्धालु परेशान
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श्री नयना देवी जी में मंदिर जाने वाले रास्ते पर फैली गंदगी। संवाद
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80 संस्थाओं ने लगाए निशुल्क लंगर, खुले में कचरा फेंकने से मंदिर मार्ग के आसपास फैली गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में चल रहा श्रावण अष्टमी मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है। मेला शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, लेकिन खुले में प्रसाद बांटे जाने और कचरा फेंके जाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा भिखारियों की बढ़ती संख्या भी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बनी हुई है। अष्टमी के दिन कई लंगर संचालकों ने सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि कुछ लंगर मेले के दसवें दिन तक चलते रहेंगे। इस बार कोलांवाला टोबा से श्री नयना देवी तक करीब 80 सामाजिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क लंगर लगाए। इनमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे गए। कुछ स्थानों पर खुले में प्रसाद बांटे जाने के बाद श्रद्धालुओं ने खाने-पीने का सामान और कचरा आसपास फेंक दिया। इससे मंदिर जाने वाले रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी नजर आई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आगामी मेलों में लंगरों की अनुमति देने से पहले साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को बैठाकर भोजन करवाने और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, मेले में कुछ महिलाएं समूह में भीख मांगती नजर आईं। आरोप है कि दान देने तक वे श्रद्धालुओं का पीछा करती हैं। कई बार यात्रियों के कपड़े तक पकड़ने की शिकायतें भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मेले के दौरान भिखारियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में चल रहा श्रावण अष्टमी मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है। मेला शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, लेकिन खुले में प्रसाद बांटे जाने और कचरा फेंके जाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा भिखारियों की बढ़ती संख्या भी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी बनी हुई है। अष्टमी के दिन कई लंगर संचालकों ने सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि कुछ लंगर मेले के दसवें दिन तक चलते रहेंगे। इस बार कोलांवाला टोबा से श्री नयना देवी तक करीब 80 सामाजिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क लंगर लगाए। इनमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे गए। कुछ स्थानों पर खुले में प्रसाद बांटे जाने के बाद श्रद्धालुओं ने खाने-पीने का सामान और कचरा आसपास फेंक दिया। इससे मंदिर जाने वाले रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी नजर आई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आगामी मेलों में लंगरों की अनुमति देने से पहले साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को बैठाकर भोजन करवाने और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, मेले में कुछ महिलाएं समूह में भीख मांगती नजर आईं। आरोप है कि दान देने तक वे श्रद्धालुओं का पीछा करती हैं। कई बार यात्रियों के कपड़े तक पकड़ने की शिकायतें भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मेले के दौरान भिखारियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।