फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   civic amenities

पुरानी पेंशन बहाली के लिए 24 को प्रदेश भर में गरजेगी एनपीएसईए

Mon, 19 Oct 2020 10:33 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
civic amenities
बिलासपुर। पुरानी पेंशन बहाली के लिए एनपीएसईए 24 अक्तूबर को प्रदेशभर में सांकेतिक धरना देकर सरकार को चेताएंगे। संघ ने साफ किया कि सरकार कर्मचारियों के धरना प्रदर्शनों को हल्के में न ले। इस बार अगर मांगों पर सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो इस आंदोलन को उग्र किया जाएगा। प्रदेश के करीब 1.40 लाख कर्मी अपने हकों की लड़ाई लडे़ंगे। कहा कि उन्हें किसी निजी संस्थान से नहीं बल्कि सरकारी खाते से पेंशन दी जाए।
विज्ञापन

एनपीएसईए के जिला प्रधान राजेंद्र कुमार वर्धन ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 24 अक्तूबर को बिलासपुर में जिलाधीश कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी भाग लेंगे। 24 अक्तूबर को हर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन होगा। बिलासपुर में रोष प्रदर्शन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू होगा। इसके बाद जिलाधीश कार्यालय में लगभग दो घंटे का सांकेतिक धरना प्रदर्शन होगा। वर्धन ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2003 में न्यू पेंशन स्कीम शुरू की थी। एक निजी एजेंसी को कांट्रेक्ट दिया गया है। कंपनी कर्मचारियों को शेयर मार्केट के हिसाब से पेंशन दे रही है। जोकि प्रतिमाह 2 हजार रुपये से भी कम है। इससे बुढ़ापे की जरूरतें पूरी करना तो दूर लेकिन एक माह की रोजी रोटी चलाना भी मुमकिन नहीं है।
विज्ञापन

राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार अश्वनी राणा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2004 से अपने कर्मचारियों के लिए एनपीएस को लागू किया। लेकिन प्रदेश सरकार ने 15 मई 2003 से इस काले कानून को कर्मचारियों पर थोप दिया। कहा कि 2003 के बाद देश में सिर्फ दो ही कैटेगिरी के लोगों को पेंशन के अधीन रखा गया है। इनमें राजनेता और आर्मी शामिल है। पैरा मिल्ट्री के जवानों को भी इस दायरे से बाहर रखा गया है। संगठन चाहता है कि सरकार किसी एजेंसी की जगह खुद कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान करे। पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करे। राज्य कोषाध्यक्ष शशी पाल शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को निजी काम करने का अधिकार नहीं है। सरकार तीन या पांच बजे के बाद उन्हें अपनी मर्जी से अन्य कार्य करने का अधिकार दे। ताकि वे अपने बुढ़ापे को सुरक्षित कर सकें। संगठन ने मांग की कि प्रदेश सरकार पारिवारिक पेंशन की केंद्र सरकार की 2009 की अधिसूचना को जल्द लागू करे। इस मौके पर जिला उपप्रधान भूपेंद्र, राज्य प्लानिंग कमेटी के सलाहकार जावेद इकबाल, राज्य कोषाध्यक्ष शशीपाल शर्मा, एनपीएसईए सदर खंड के प्रधान अजय कुमार डोड मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed