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बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा की आवश्यकता : रतन
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- सरस्वती विद्या मंदिर औहर में मनाया वार्षिक सम्मान समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। सरस्वती विद्या मंदिर औहर में शनिवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता औहर पंचायत की प्रधान प्रेमलता ठाकुर ने की।
कार्यक्रम में जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त एक्शन रतन देव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समारोह में मुख्य वक्ता दिलाराम विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रधानाचार्य राजेश ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने स्कूल में बने नए कमरों का उद्घाटन किया। प्रधानाचार्य ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। आज की युवा पीढ़ी नशे के दलदल में फंसती जा रही है। यह आने वाले समय के लिए घातक है। इसके अलावा मोबाइल का दुरुपयोग भी बच्चों का ध्यान गलत दिशा की ओर ले जा रहा है। इन चीजों से बचने के लिए अभिभावकों और अध्यापकों को बच्चों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि ने 25000 रुपये नकद और एक कमरे का खर्च देने की बात कही। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अध्यापक और अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। सरस्वती विद्या मंदिर औहर में शनिवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता औहर पंचायत की प्रधान प्रेमलता ठाकुर ने की।
कार्यक्रम में जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त एक्शन रतन देव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समारोह में मुख्य वक्ता दिलाराम विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रधानाचार्य राजेश ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने स्कूल में बने नए कमरों का उद्घाटन किया। प्रधानाचार्य ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। आज की युवा पीढ़ी नशे के दलदल में फंसती जा रही है। यह आने वाले समय के लिए घातक है। इसके अलावा मोबाइल का दुरुपयोग भी बच्चों का ध्यान गलत दिशा की ओर ले जा रहा है। इन चीजों से बचने के लिए अभिभावकों और अध्यापकों को बच्चों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि ने 25000 रुपये नकद और एक कमरे का खर्च देने की बात कही। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अध्यापक और अन्य उपस्थित रहे।
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