फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Case filed after eight days against mother and son who obstructed national highway

Bilaspur: हाईवे की जमीन पर निजी भूमि होने का दावा, एनएच को बाधित करने वाले मां-बेटे पर आठ दिन बाद केस दर्ज

Sun, 08 Jun 2025 01:01 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 08 Jun 2025 01:01 PM IST
विज्ञापन
Case filed after eight days against mother and son who obstructed national highway
हाईवे की जमीन पर निजी भूमि होने का दावा कर एक लेन की है बंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने के मामले में पुलिस ने आठ दिन बाद मंगरोट गांव निवासी एक मां-बेटे के खिलाफ पुलिस ने बरमाणा थाने में मामला दर्ज किया है। लोक निर्माण विभाग की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद मंगरोट में दोनों से पूछताछ की और उसके बाद हाईवे से झाड़ियां और पत्थर भी हटाए। लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कुछ समय बाद व्यक्ति ने फिर से रोड पर पत्थर और झाड़ियां बिछा दी।

विज्ञापन




राजनकांत और उसकी मां ने हाईवे की जमीन को निजी बताते हुए 30 मई को झाड़ियां और पत्थर लगाकर एक लेन को बंद कर दिया था। इससे एक सप्ताह तक हाईवे की एक लेन ठप रही। मामले की शिकायत लोक निर्माण विभाग ने पुलिस को दी थी। शनिवार को बरमाणा पुलिस मौके पर पहुंची और अवरुद्ध लेन को खाली करवाया। बताते चलें कि यह मामला नया नहीं है। दिसंबर 2022 में उच्च न्यायालय के आदेश पर राजनकांत शर्मा ने खोखे को हाईवे किनारे से हटाया गया था। इसके बाद बार-बार हाईवे को निजी भूमि बताते हुए अलग-अलग तरीकों से बाधित किया।

विज्ञापन

कभी चूल्हा रखकर चाय बनाई, तो कभी खटिया लगाकर बैठ गया। मार्च 2023 में उसने सड़क पर फिर से खोखा रख दिया था। जनवरी 2024 में प्रशासन की ओर से करवाई गई निशानदेही में पाया गया कि हाईवे की 17 बिस्वा भूमि निजी स्वामित्व वाली है, जो राजनकांत की मां के नाम दर्ज है। लोक निर्माण विभाग ने इस निशानदेही के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट में अपील की थी। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर जनवरी 2025 में दोबारा निशानदेही करवाई गई, जिसमें फिर से वही भूमि निजी पाई गई। शनिवार को पुलिस ने राजनकांत और उसकी मां के घर पहुंचकर पूछताछ की। दोनों ने साफ किया कि जब तक उन्हें मुआवजा या विकल्प स्वरूप भूमि नहीं दी जाती, वे सड़क को बार-बार बाधित करेंगे। डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की शिकायत पर बरमाणा पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं एसडीएम सदर डॉ. राजदीप ने बताया सड़क खुलवा दी गई है, यदि फिर सड़क बाधित की गई है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।

राजनकांत ने कहा कि सड़क उनकी निजी भूमि से होकर निकाली गई है। उन्होंने मांग रखी है कि या तो सरकार उन्हें मुआवजा दे या बदले में अन्य भूमि दे। उनका कहना है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे 100 मीटर तक हाईवे की एक लेन को अवरुद्ध ही रखेंगे। राजनकांत का रवैया देखते हुए लगता है कि यह विवाद यहीं खत्म नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed