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Bilaspur News: बसों की कमी से सूना बस अड्डा बाजार, व्यापारियों की आय चौथाई तक सिमटी
Mon, 16 Feb 2026 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:37 PM IST
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बिलासपुर बस अड्डा।
फोरलेन बनने के बाद बदले रूट, यात्रियों की आवाजाही घटी तो कारोबार भी थमा
मंडी भराड़ी में नए बस स्टैंड की चर्चा से भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
एम्स बनने के बाद भी स्थानीय बाजार को नहीं मिला अपेक्षित लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित पुराने बस अड्डा क्षेत्र का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कीरतपुर-मनाली फोरलेन बनने के बाद बसों के रूट बदलने से यात्रियों की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है। पहले जहां दिनभर यात्रियों और ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब अधिकतर समय सन्नाटा छाया रहता है। हालत यह है कि कई दुकानदारों की आय पहले की तुलना में चौथाई तक सिमट चुकी है।
व्यापारियों के अनुसार, बिलासपुर बस अड्डा कभी लंबी दूरी की बसों का प्रमुख पड़ाव हुआ करता था। यहां रुकने वाली बसों से होटल, ढाबे, चाय की दुकानें, मिठाई विक्रेता, फल-सब्जी विक्रेता, रेहड़ी-फड़ी संचालक और अन्य छोटे कारोबारियों को पर्याप्त ग्राहक मिल जाते थे। लेकिन फोरलेन बनने के बाद कई बसों को वाया बिलासपुर चलाना बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों की संख्या तेजी से घटी। वर्तमान में गिनती की सरकारी और कुछ निजी बसें ही बस अड्डा तक पहुंच रही हैं। दुकानदारों और होटल कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों की कमी के कारण दुकान का किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। कई व्यापारियों को कर्मचारियों को हटाना पड़ा, जबकि कुछ ने दुकान का समय कम कर दिया है। बस स्टैंड क्षेत्र के नजदीक होटल व्यवसायी अजय चंदेल, रेहड़ी-फड़ी संचालक, दुकानदार प्रदीप गुप्ता, दीप चंद, आसिफ, नरेश, संजीद, मस्तराम,धीरज, रवि, मनीष, परवेज और अन्यों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुराने रूट बहाल करने और बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
इसी बीच मंडी भराड़ी के समीप नए बस अड्डे के निर्माण की चर्चा ने व्यापारियों की चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में बसों का संचालन पूरी तरह नए स्थान से होने लगा तो पुराने बस अड्डा क्षेत्र का कारोबार लगभग समाप्त हो जाएगा। हालांकि व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें नए बस अड्डे के निर्माण से आपत्ति नहीं है, लेकिन पुराने बस अड्डे की उपयोगिता और बसों की आवाजाही बरकरार रखना जरूरी है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि एम्स बिलासपुर बनने के समय उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय बाजार को बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हुआ। अस्पताल आने वाले अधिकांश लोग सीधे अपने गंतव्य तक चले जाते हैं, जिससे बस अड्डा बाजार में अपेक्षित ग्राहक नहीं बढ़ पाए। व्यापारियों का कहना है कि डीसी कार्यालय, जिला अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों के पास स्थित होने के कारण पुराना बस अड्डा हजारों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ा है। यदि यहां लंबी दूरी और निजी रूट की बसों की संख्या बढ़ाई जाए तो बाजार फिर से जीवंत हो सकता है और छोटे कारोबारियों की आजीविका सुरक्षित रह सकती है।
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कोट
मंडी भराड़ी में प्रस्तावित बस अड्डा के लिए औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन भूमि की अतिरिक्त उपलब्धता को लेकर मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में है। यदि वहां बस स्टैंड का निर्माण होता भी है तो बिलासपुर के पुराने बस अड्डा के अस्तित्व से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। बिलासपुर बस अड्डा पर अतिरिक्त लंबी दूरी की बसों की आवाजाही भी बढ़ाई जाएगी, ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो। - संदीप सांख्यान, सदस्य, हिमाचल पथ परिवहन निगम परचेज कमेटी
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मंडी भराड़ी में नए बस स्टैंड की चर्चा से भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
एम्स बनने के बाद भी स्थानीय बाजार को नहीं मिला अपेक्षित लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित पुराने बस अड्डा क्षेत्र का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कीरतपुर-मनाली फोरलेन बनने के बाद बसों के रूट बदलने से यात्रियों की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है। पहले जहां दिनभर यात्रियों और ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब अधिकतर समय सन्नाटा छाया रहता है। हालत यह है कि कई दुकानदारों की आय पहले की तुलना में चौथाई तक सिमट चुकी है।
व्यापारियों के अनुसार, बिलासपुर बस अड्डा कभी लंबी दूरी की बसों का प्रमुख पड़ाव हुआ करता था। यहां रुकने वाली बसों से होटल, ढाबे, चाय की दुकानें, मिठाई विक्रेता, फल-सब्जी विक्रेता, रेहड़ी-फड़ी संचालक और अन्य छोटे कारोबारियों को पर्याप्त ग्राहक मिल जाते थे। लेकिन फोरलेन बनने के बाद कई बसों को वाया बिलासपुर चलाना बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों की संख्या तेजी से घटी। वर्तमान में गिनती की सरकारी और कुछ निजी बसें ही बस अड्डा तक पहुंच रही हैं। दुकानदारों और होटल कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों की कमी के कारण दुकान का किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। कई व्यापारियों को कर्मचारियों को हटाना पड़ा, जबकि कुछ ने दुकान का समय कम कर दिया है। बस स्टैंड क्षेत्र के नजदीक होटल व्यवसायी अजय चंदेल, रेहड़ी-फड़ी संचालक, दुकानदार प्रदीप गुप्ता, दीप चंद, आसिफ, नरेश, संजीद, मस्तराम,धीरज, रवि, मनीष, परवेज और अन्यों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुराने रूट बहाल करने और बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
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इसी बीच मंडी भराड़ी के समीप नए बस अड्डे के निर्माण की चर्चा ने व्यापारियों की चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में बसों का संचालन पूरी तरह नए स्थान से होने लगा तो पुराने बस अड्डा क्षेत्र का कारोबार लगभग समाप्त हो जाएगा। हालांकि व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें नए बस अड्डे के निर्माण से आपत्ति नहीं है, लेकिन पुराने बस अड्डे की उपयोगिता और बसों की आवाजाही बरकरार रखना जरूरी है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि एम्स बिलासपुर बनने के समय उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय बाजार को बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हुआ। अस्पताल आने वाले अधिकांश लोग सीधे अपने गंतव्य तक चले जाते हैं, जिससे बस अड्डा बाजार में अपेक्षित ग्राहक नहीं बढ़ पाए। व्यापारियों का कहना है कि डीसी कार्यालय, जिला अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों के पास स्थित होने के कारण पुराना बस अड्डा हजारों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ा है। यदि यहां लंबी दूरी और निजी रूट की बसों की संख्या बढ़ाई जाए तो बाजार फिर से जीवंत हो सकता है और छोटे कारोबारियों की आजीविका सुरक्षित रह सकती है।
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मंडी भराड़ी में प्रस्तावित बस अड्डा के लिए औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन भूमि की अतिरिक्त उपलब्धता को लेकर मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में है। यदि वहां बस स्टैंड का निर्माण होता भी है तो बिलासपुर के पुराने बस अड्डा के अस्तित्व से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। बिलासपुर बस अड्डा पर अतिरिक्त लंबी दूरी की बसों की आवाजाही भी बढ़ाई जाएगी, ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो। - संदीप सांख्यान, सदस्य, हिमाचल पथ परिवहन निगम परचेज कमेटी