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Bilaspur News: चिकित्सक के बिना चल रहा बुहाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
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-क्षेत्र की पांच हजार जनसंख्या के लिए बनाया गया है केंद्र
-सप्ताह में दो दिन प्रतिनियुक्ति पर पहुंचता है चिकित्सक
-लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी उठानी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा के पिछड़ा क्षेत्र कोट धार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ में लंबे अरसे से चिकित्सक का पद खाली चल रहा है। क्षेत्र की पांच हजार आबादी की स्वास्थ्य सुविधाओं का जिम्मा फार्मासिस्ट पर है। वहीं लोगों के लिए एक चिकित्सक को हफ्ते के दो दिन प्रतिनियुक्ति पर यहां भेजा जाता है, लेकिन किसी चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति न होने के कारण यहां की आबादी को प्राथमिक उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं कई किलोमीटर सफर कर झंडूता उपचार के लिए आना पड़ता है।
कोटधार क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ चिकित्सक के बिना लंबे समय से खाली चल रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक न होने के कारण फार्मासिस्ट ही लोगों की नब्ज टटोल रहा है। दो मंजिला इमारत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सक एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद स्वीकृत हैं। कोटधार क्षेत्र की पपलोआ, धनी, सलवाड़, डूडियां ग्राम पंचायतों के बुहाड़, पपलोआ, कोट, मल्होट सहित करीब 12 गांवों की पांच हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है। सरकार ने अक्तूबर 2008 में बुहाड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की अधिसूचना जारी की थी। लाखों रुपये से निर्मित की गई दो मंजिला इमारत का जुलाई 2012 में सभी सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ लोकार्पण कर लोगों को घर द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए थे। अब हालात कुछ और ही हैं। चिकित्सक की कमी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। यहां चिकित्सक की तैनाती हो जाए तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि विभाग ने दूसरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सप्ताह में दो दिन यहां पर ड्यूटी देने के निर्देश जारी किए हैं।
बड़ी बात यह है कि यह विधानसभा क्षेत्र के पिछड़े हुए गांव हैं। कई गांव में उपयुक्त सड़क सुविधा भी नहीं है। इससे लोगों को झंडूता अस्पताल पहुंचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कई बार मांग भी कि उन्हें केंद्र में स्थायी चिकित्सक की सुविधा दी जाए। ताकि लोगों को जुकाम बुखार या अन्य प्राथमिक उपचार के लिए परेशान न होना पड़े, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हो पाई है। खंड स्वास्थ्य अधिकारी झंडूता डॉक्टर परमिंदर सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ में खाली चल रहे चिकित्सक के बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाह घोड़ी से चिकित्सक सप्ताह में दो बार ड्यूटी दे रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही स्थायी चिकित्सक की तैनाती हो जाएगी।
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-सप्ताह में दो दिन प्रतिनियुक्ति पर पहुंचता है चिकित्सक
-लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी उठानी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा के पिछड़ा क्षेत्र कोट धार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ में लंबे अरसे से चिकित्सक का पद खाली चल रहा है। क्षेत्र की पांच हजार आबादी की स्वास्थ्य सुविधाओं का जिम्मा फार्मासिस्ट पर है। वहीं लोगों के लिए एक चिकित्सक को हफ्ते के दो दिन प्रतिनियुक्ति पर यहां भेजा जाता है, लेकिन किसी चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति न होने के कारण यहां की आबादी को प्राथमिक उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं कई किलोमीटर सफर कर झंडूता उपचार के लिए आना पड़ता है।
कोटधार क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ चिकित्सक के बिना लंबे समय से खाली चल रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक न होने के कारण फार्मासिस्ट ही लोगों की नब्ज टटोल रहा है। दो मंजिला इमारत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सक एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद स्वीकृत हैं। कोटधार क्षेत्र की पपलोआ, धनी, सलवाड़, डूडियां ग्राम पंचायतों के बुहाड़, पपलोआ, कोट, मल्होट सहित करीब 12 गांवों की पांच हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है। सरकार ने अक्तूबर 2008 में बुहाड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की अधिसूचना जारी की थी। लाखों रुपये से निर्मित की गई दो मंजिला इमारत का जुलाई 2012 में सभी सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ लोकार्पण कर लोगों को घर द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए थे। अब हालात कुछ और ही हैं। चिकित्सक की कमी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। यहां चिकित्सक की तैनाती हो जाए तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि विभाग ने दूसरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सप्ताह में दो दिन यहां पर ड्यूटी देने के निर्देश जारी किए हैं।
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बड़ी बात यह है कि यह विधानसभा क्षेत्र के पिछड़े हुए गांव हैं। कई गांव में उपयुक्त सड़क सुविधा भी नहीं है। इससे लोगों को झंडूता अस्पताल पहुंचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कई बार मांग भी कि उन्हें केंद्र में स्थायी चिकित्सक की सुविधा दी जाए। ताकि लोगों को जुकाम बुखार या अन्य प्राथमिक उपचार के लिए परेशान न होना पड़े, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हो पाई है। खंड स्वास्थ्य अधिकारी झंडूता डॉक्टर परमिंदर सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुहाड़ में खाली चल रहे चिकित्सक के बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाह घोड़ी से चिकित्सक सप्ताह में दो बार ड्यूटी दे रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही स्थायी चिकित्सक की तैनाती हो जाएगी।
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