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Bilaspur News: दो बेसहारा भाई-बहन को सरकार से मदद की दरकार
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पिता के देहांत के बाद 10 साल से नाना कर रहे पालन-पोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत छत में दो बेसहारा भाई-बहन को सरकार से मदद की दरकार हैं। पिता के देहांत के बाद दोनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं। दोनों अपने नाना के पास रह रहे हैं लेकिन नाना भी अब बुजुर्ग हो चुके हैं। ग्राम पंचायत छत के मंडैल निवासी कार्तिक और रचना के पिता का 2009 में देहांत हो गया था। इसके बाद दोनों भाई-बहन ग्राम पंचायत बरठीं के मोही गांव में अपने नाना-नानी के घर रहने को मजबूर हैं। 2014 से नाना ही उनकी परवरिश कर रहे हैं। रचना कॉलेज और कार्तिक दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। दोनों ने बताया कि उनका नाम बरठीं पंचायत में दर्ज करवा दिया गया है। दोनों बच्चों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उनकी सहायता की जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत प्रदेश के उन बेसहारा वर्ग को संबल प्रदान किया जा रहा है जिनका कोई अपना नहीं है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसमें अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया जा रहा है। जिस कारण अनाथ बच्चों की सहायता के लिए कानून के तहत योजना बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। दोनों भाई बहन को उम्मीद है कि सरकार इन्हें भी आश्रय देगी। इस संदर्भ में डीपीओ हरीश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार की सुखाश्रय योजना के तहत इन बेसहारा बच्चों को पूरा लाभ दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत छत में दो बेसहारा भाई-बहन को सरकार से मदद की दरकार हैं। पिता के देहांत के बाद दोनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं। दोनों अपने नाना के पास रह रहे हैं लेकिन नाना भी अब बुजुर्ग हो चुके हैं। ग्राम पंचायत छत के मंडैल निवासी कार्तिक और रचना के पिता का 2009 में देहांत हो गया था। इसके बाद दोनों भाई-बहन ग्राम पंचायत बरठीं के मोही गांव में अपने नाना-नानी के घर रहने को मजबूर हैं। 2014 से नाना ही उनकी परवरिश कर रहे हैं। रचना कॉलेज और कार्तिक दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। दोनों ने बताया कि उनका नाम बरठीं पंचायत में दर्ज करवा दिया गया है। दोनों बच्चों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उनकी सहायता की जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत प्रदेश के उन बेसहारा वर्ग को संबल प्रदान किया जा रहा है जिनका कोई अपना नहीं है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसमें अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया जा रहा है। जिस कारण अनाथ बच्चों की सहायता के लिए कानून के तहत योजना बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। दोनों भाई बहन को उम्मीद है कि सरकार इन्हें भी आश्रय देगी। इस संदर्भ में डीपीओ हरीश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार की सुखाश्रय योजना के तहत इन बेसहारा बच्चों को पूरा लाभ दिया जाएगा।