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जीवन और मृत्यु दोनों ही भगवान शिव की लीला हैं : राकेश शर्मा
Sun, 25 May 2025 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 25 May 2025 11:51 PM IST
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बडग़ांव के टिहरा गांव में शिव महापुराण कथा के समापन पर कथा वाचक और ग्रामीण। संवाद
टिहरा गांव में हुआ शिव महापुराण कथा समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के टिहरा गांव में शिव महापुराण कथा संपन्न हो गई। समापन अवसर पर आचार्य राकेश शर्मा ने कहा कि जन्म के साथ ही मृत्यु का दिन भी निश्चित हो जाता है। जीवन और मृत्यु दोनों ही भगवान शिव की लीला हैं और ये एक निश्चित योजना के अनुसार संचालित होते हैं।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा, भगवान शिव के जीवन, उनके गुणों और उनके भक्तों के साथ उनके संबंध के बारे में बताती है। इस कथा के अनुसार जन्म और मृत्यु एक चक्र में हैं और यह चक्र भगवान शिव की इच्छा से संचालित होता है। जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है, तो साथ ही उसका मृत्यु का समय भी निश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा यह पृथ्वी लोक शंकर का ही है। देवलोक, इंद्रलोक, स्वर्ग लोक, बैकुंठ धाम में जब तक आपका पुण्य है, तब तक रहोगे। फिर धक्का मार कर पृथ्वी लोक में ही भेज दिए जाओगे। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि इसका लाभ तब तक ही ले सकते हो जब तक उसका बिल भर सकते हो। उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं पूरे विश्व की भूमि में जहां खुदाई होगी, वहां सनातन धर्म का ही स्तंभ निकलेगा। भगवान भोलेनाथ का ही अवशेष निकलेगा। जिसका है उसी का तो प्रमाण मिलेगा। इसलिए कैलाश पर्वत पर भगवान भोले के चरणों में रहने की कामना करो। कहा कि जो सास अपनी बहू और जो बहू अपनी सास के साथ रह रहे, वे किस्मत वाले हैं। अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने से ही आने वाला समय श्रेष्ठ होगा और देश उन्नत होगा। बच्चों को सनातन धर्म का ज्ञान दो। मंदिर जाने की आदत डालो। भगवान को समय दोगे, तो बुरे समय में वो आपका साथ देंगे। उनसे कहो मंदिर में आना मेरा काम है और मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है। भगवान भोलेनाथ को सहपरिवार अपने घर में स्थापित करना चाहिए। शिव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर सकते हैं। शिव की भक्ति से सुख और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है। आयोजित शिव महापुराण में कथा के समापन पर भंडारे के साथ यज्ञ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के टिहरा गांव में शिव महापुराण कथा संपन्न हो गई। समापन अवसर पर आचार्य राकेश शर्मा ने कहा कि जन्म के साथ ही मृत्यु का दिन भी निश्चित हो जाता है। जीवन और मृत्यु दोनों ही भगवान शिव की लीला हैं और ये एक निश्चित योजना के अनुसार संचालित होते हैं।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा, भगवान शिव के जीवन, उनके गुणों और उनके भक्तों के साथ उनके संबंध के बारे में बताती है। इस कथा के अनुसार जन्म और मृत्यु एक चक्र में हैं और यह चक्र भगवान शिव की इच्छा से संचालित होता है। जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है, तो साथ ही उसका मृत्यु का समय भी निश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा यह पृथ्वी लोक शंकर का ही है। देवलोक, इंद्रलोक, स्वर्ग लोक, बैकुंठ धाम में जब तक आपका पुण्य है, तब तक रहोगे। फिर धक्का मार कर पृथ्वी लोक में ही भेज दिए जाओगे। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि इसका लाभ तब तक ही ले सकते हो जब तक उसका बिल भर सकते हो। उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं पूरे विश्व की भूमि में जहां खुदाई होगी, वहां सनातन धर्म का ही स्तंभ निकलेगा। भगवान भोलेनाथ का ही अवशेष निकलेगा। जिसका है उसी का तो प्रमाण मिलेगा। इसलिए कैलाश पर्वत पर भगवान भोले के चरणों में रहने की कामना करो। कहा कि जो सास अपनी बहू और जो बहू अपनी सास के साथ रह रहे, वे किस्मत वाले हैं। अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने से ही आने वाला समय श्रेष्ठ होगा और देश उन्नत होगा। बच्चों को सनातन धर्म का ज्ञान दो। मंदिर जाने की आदत डालो। भगवान को समय दोगे, तो बुरे समय में वो आपका साथ देंगे। उनसे कहो मंदिर में आना मेरा काम है और मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है। भगवान भोलेनाथ को सहपरिवार अपने घर में स्थापित करना चाहिए। शिव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर सकते हैं। शिव की भक्ति से सुख और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है। आयोजित शिव महापुराण में कथा के समापन पर भंडारे के साथ यज्ञ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
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