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मिर्गी के इलाज में न करें बिलकुल भी देरी : सुरेंद्र

Wed, 27 Mar 2024 07:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2024 07:24 PM IST
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Block level awareness program at Civil Hospital Markand
मार्कंड में लोगों को किया मिर्गी बीमारी के प्रति जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। विश्व मिर्गी दिवस के उपलक्ष्य पर नागरिक अस्पताल मार्कंड में खंड स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा ने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मिर्गी के इलाज में बिलकुल भी देरी न करें। उन्होंने बताया कि मिर्गी सेंटर नर्वस सिस्टम में होने वाली समस्या है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधि असामान्य हो जाती है। इस कारण दौरे पड़ने लगते हैं। ये दौरे आमतौर पर असामान्य व्यवहार के अलग-अलग चरण होते हैं, जिनमें जागरूकता की कमी, बेहोशी और झनझनाहट जैसी समस्या शामिल हो सकती है। मिर्गी जेनेटिक डिसऑर्डर या फिर दिमाग में चोट के कारण होती है। यह मस्तिष्क के असामान्य व्यवहार का कारण बन जाती है। मस्तिष्क की चोटें मिर्गी का लगातार कारण हैं, इसलिए यातायात नियमों का पालन कर इन चोटों को कम कर सकते हैं। स्ट्रोक और हृदय रोग की संभावना कम करें। अच्छी तरह से खाने, व्यायाम करने और धूम्रपान न करने से स्ट्रोक और हृदय रोग की संभावना कम हो सकती है। टैपवार्म (ताएनिया सोलियम) के कारण होने वाला सिस्टीसर्कोसिस एक संक्रमण है, जो आमतौर पर दुनिया भर में मिर्गी का कारण बनता है। अच्छी स्वच्छता बनाए रखने से इसे आसानी से रोका जा सकता है। जब किसी व्यक्ति को मिर्गी आए तो उसे घबराना नहीं है, उसे हिम्मत से काम लेना है।

पीड़ित व्यक्ति को मिर्गी के दौरे के दौरान कंट्रोल करने की कोशिश न करें। पीड़ित व्यक्ति के आसपास भारी वस्तु या फिर हानिकारक वस्तु को दूर रखें नहीं तो उन्हें चोट लग सकती है। यदि पीड़ित व्यक्ति ने गर्दन कसकर रखने वाले कपड़े पहन रखें हैं तो उसे तुरंत ही ढीला कर लें। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को एक और मोड़ कर लिटाएं ताकि मुंह से निकलने वाली उल्टी या फिर तरल पदार्थ सुरक्षित रूप से बाहर निकले। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति के सिर के नीचे कुछ आरामदायक वस्तु या फिर तकिया रखें। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को चिकित्सा सहायता जब तक न मिले, तब तक पीड़ित व्यक्ति के साथ ही किसी को मौजूद रहना चाहिए। व्यक्ति को आराम करने दें या फिर अगर वह सोया हुआ है तो उसे सोने दें। मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को अधिकांश दवाओं से ठीक किया जाता है। मिर्गी के उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए। इस दौरान बीसीजी टीकाकरण पर भी जानकारी दी गई। इस मौके पर हेल्थ सुपरवाइजर रेखा गुप्ता, संजीव कुमार और श्यामलाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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