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Bilaspur News: भराड़ी तहसील की अधिसूचना रद्द करने पर भाजपा चलाएगी हस्ताक्षर अभियान
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भराड़ी(बिलासपुर)। भराड़ी तहसील को डिनोटीफाई करने पर गुस्साई घुमारवीं भाजपा इसे दोबारा बहाल करवाने के लिए अब घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। इस अभियान को 18 पंचायतों में चलाया जाएगा। इसमें कोट, हटवाड़, पंतेहड़ा, हम्बोट, बम्म, सलौआ, घंडालवीं, मरहाणा, बरोटा, तड़ौन, भराड़ी, भपराल, गतवाड़, गाहर, लंजता, लैहड़ी-सरेल, डंगार और पडयालग शामिल है।
तहसील के दर्जे को फिर से बहाल करने के लिए भाजपा ने स्थानीय लोगों की उपस्थिति में रविवार को भराड़ी में बैठक का आयोजन कर इस पर रणनीति तय की। बैठक में भराड़ी तहसील की दोबारा बहाल करने के लिए घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के लिए हर पंचायत में कमेटी गठित की जाएगी।
वहीं, बैठक में निर्णय लिया गया कि एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है, जिसमें भराड़ी तहसील सहित अन्य कार्यालयों और संस्थानों को दोबारा बहाल करने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस समय अवधि में तहसील के दर्जे को दोबारा बहाल नहीं किया गया, तो 18 पंचायतों के लोग 3 जनवरी को भराड़ी तहसील परिसर में उग्र आंदोलन करेंगे।
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कांग्रेस सरकार केवल बदले की भावना से कर रही काम : गर्ग
बैठक में पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बनी नई नवेली कांग्रेस सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर प्रदेश में सैकड़ों संस्थानों और कार्यालयों को डिनोटीफाई कर दिया। कांग्रेस सरकार केवल बदले की भावना से कार्य कर रही है। बड़े अफसोस की बात है कि कांग्रेस सरकार इसके पीछे बजट का राग अलाप रही है, लेकिन जब भाजपा सरकार ने इन संस्थानों व कार्यालयों को नोटिफाई किया था, तो पहले वित्त विभाग से चर्चा की गई थी। उसके बाद ही इनको खोला गया है।
भराड़ी तहसील को लोगों की मांग पर खोला गया था। इस तहसील का कार्यालय अक्तूबर माह से शुरू हो गया था और तहसीलदार भराड़ी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस क्षेत्र के लोगों ने अपने आधार कार्ड सहित अन्य कई कागजातों में अपना अपना पता भी बदल दिया था, लेकिन अब इसको डिनोटीफाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक घुमारवीं चुनाव क्षेत्र के नवनियुक्त विधायक राजेश धर्माणी की चुप्पी भी समझ से परे है।
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तहसील के दर्जे को फिर से बहाल करने के लिए भाजपा ने स्थानीय लोगों की उपस्थिति में रविवार को भराड़ी में बैठक का आयोजन कर इस पर रणनीति तय की। बैठक में भराड़ी तहसील की दोबारा बहाल करने के लिए घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के लिए हर पंचायत में कमेटी गठित की जाएगी।
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वहीं, बैठक में निर्णय लिया गया कि एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है, जिसमें भराड़ी तहसील सहित अन्य कार्यालयों और संस्थानों को दोबारा बहाल करने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस समय अवधि में तहसील के दर्जे को दोबारा बहाल नहीं किया गया, तो 18 पंचायतों के लोग 3 जनवरी को भराड़ी तहसील परिसर में उग्र आंदोलन करेंगे।
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कांग्रेस सरकार केवल बदले की भावना से कर रही काम : गर्ग
बैठक में पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बनी नई नवेली कांग्रेस सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर प्रदेश में सैकड़ों संस्थानों और कार्यालयों को डिनोटीफाई कर दिया। कांग्रेस सरकार केवल बदले की भावना से कार्य कर रही है। बड़े अफसोस की बात है कि कांग्रेस सरकार इसके पीछे बजट का राग अलाप रही है, लेकिन जब भाजपा सरकार ने इन संस्थानों व कार्यालयों को नोटिफाई किया था, तो पहले वित्त विभाग से चर्चा की गई थी। उसके बाद ही इनको खोला गया है।
भराड़ी तहसील को लोगों की मांग पर खोला गया था। इस तहसील का कार्यालय अक्तूबर माह से शुरू हो गया था और तहसीलदार भराड़ी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस क्षेत्र के लोगों ने अपने आधार कार्ड सहित अन्य कई कागजातों में अपना अपना पता भी बदल दिया था, लेकिन अब इसको डिनोटीफाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक घुमारवीं चुनाव क्षेत्र के नवनियुक्त विधायक राजेश धर्माणी की चुप्पी भी समझ से परे है।