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Bilaspur News: 74 साल पुरानी कन्या पाठशाला को बंद करने पर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन

Sat, 21 Feb 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 21 Feb 2026 11:25 PM IST
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BJP stages strong protest against closure of 74-year-old girls' school
कन्या पाठशाला​ बिलासपुर को बंद करने के आरोप पर भाजपा  कार्यकर्ता  प्रदर्शन करते हुए। संवाद
भाजपा कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली
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कांग्रेस सरकार पर बेटियों की शिक्षा से खिलवाड़ करने का लगाया आरोप
अधिसूचना वापस लेने की मांग, वापस न लेने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय बिलासपुर में 74 साल पुरानी ऐतिहासिक कन्या पाठशाला को बंद किए जाने को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कन्या पाठशाला का अन्य विद्यालय में विलय कर उसे बंद करना चाहती है, जो गरीब परिवारों की बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि 18 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से कन्या पाठशाला का विलय पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में करने की बात सामने आई है, जिसका भाजपा कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि यह पाठशाला पिछले करीब 74 वर्ष से जिले की बेटियों को शिक्षा प्रदान कर रही है और इसका इतिहास बिलासपुर की पहचान से जुड़ा हुआ है। कहा कि गोबिंद सागर परियोजना के दौरान पुराने बिलासपुर शहर के जलमग्न होने के बाद बेटियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कन्या पाठशाला की स्थापना की गई थी। उस समय यह निर्णय इसलिए लिया गया था ताकि विस्थापित परिवारों की बेटियां शिक्षा से वंचित न रहें। ऐसे में आज इस संस्थान को बंद करने या विलय करने की कोशिश करना न केवल शिक्षा के अधिकार पर प्रहार है बल्कि जिले की भावनाओं को आहत करने वाला कदम भी है।
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जमवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार का यह कदम बेटियों की शिक्षा के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गरीब परिवारों की छात्राएं इस स्कूल से लाभान्वित होती रही हैं और यदि इसे समाप्त किया गया तो उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। भाजपा इस मुद्दे को केवल एक स्कूल का मामला नहीं बल्कि बेटियों के भविष्य और समाज के हित से जुड़ा विषय मानती है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।। नेताओं ने यह भी कहा कि बिलासपुर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े संस्थानों को समाप्त करने की किसी भी कोशिश का भाजपा पुरजोर विरोध करेगी और जनता को साथ लेकर संघर्ष किया जाएगा। इस मौके हंसराज ठाकुर, पवन ठाकुर, ओमप्रकाश गर्ग, कमल गौतम, मदन राणा, चमन गुप्ता, विमला देवी, नीना कौशल, सरोज लता ठाकुर, सोनिया सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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