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Bilaspur News: नप बिलासपुर पर फिर से भाजपा का कब्जा, कमल गौतम बने अध्यक्ष
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- चुनाव के लिए नहीं पहुंचे कांग्रेस समर्थित एक भी पार्षद
-अध्यक्ष पद के लिए आया मात्र एक ही नॉमिनेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर में एक बार फिर से भाजपा ने कब्जा कर लिया है। भाजपा समर्थित पार्षद कमल गौतम को नगर परिषद का नया अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पर के लिए आयोजित चुनावी बैठक में कांग्रेस समर्थित एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। अध्यक्ष पद के लिए मात्र एक ही नॉमिनेशन प्राप्त हुआ।
ढाई माह से खाली चल रहे नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ। भाजपा समर्थित पार्षद और नप उपाध्यक्ष कमल गौतम को नगर परिषद का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। हालांकि इस चुनावी प्रक्रिया में कांग्रेस समर्थित एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। नगर परिषद बिलासपुर में कुल 11 पार्षद मौजूद हैं। इसमें छह भाजपा और पांच कांग्रेस समर्थित पार्षद शामिल हैं। इसके चलते अध्यक्ष पद के लिए भाजपा का पलड़ा भारी था। बता दें कि जनवरी 2021 में 11 पार्षदों का चुनाव हुआ था। उस समय 7 भाजपा और 4 कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार इसमें शामिल थे। कमलेंद्र कश्यप ने इन चुनावों से पहले दिसंबर 2020 भाजपा का दामन थामा था। इसके चलते उन्हें नगर परिषद अध्यक्ष बनने का मौका भी मिला। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कमलेंद्र अक्टूबर 2023 में फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद भाजपा समर्थित पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में थे। इससे पहले ही उन्होंने 1 अप्रैल को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 12 जून को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बैठक का आयोजन किया गया था, लेकिन उस दिन भाजपा समर्थित एक भी पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा और कोरम पूरा न होने के चलते चुनाव टल गया। इसके बाद 15 जून को यह चुनाव आयोजित किए गए। इसमें कमल गौतम को अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, श्री नयना देवी जी विधायक रणधीर शर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर, सदर मंडल अध्यक्ष हंसराज ठाकुर सहित सभी भाजपा समर्थित पार्षदों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।
इनसेट
प्रदेश में सरकार होते हुए भी नप अध्यक्ष के लिए कांग्रेस के नहीं उम्मीदवार : त्रिलोक
भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि यह एक विचित्र स्थिति है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही पहले कांग्रेस हमारे जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पाने का प्रयास किया। लेकिन जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी भाजपा ने जीती। इसके बाद लोकसभा चुनावों में भी भाजपा को करीब 45 हजार वोटों की बढ़त प्राप्त हुई। यही कारण है कि आज कांग्रेस पार्टी अलग-अलग खेमों में विभाजित हुई है। उनका मनोबल लोकसभा चुनावों के बाद बिल्कुल धराशायी हो गया है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार तक नहीं दे पाई। यदि वह उम्मीदवार देते तो भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 10 से 11 वोट प्राप्त होते। दूसरा बड़ा कारण यह है कि बिलासपुर में कांग्रेस ने डेढ़ साल में कुछ नहीं कराया है जिस कारण इनका मनोबल टूटा हुआ है।
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इनसेट
पूर्व अध्यक्ष नहीं करा पाए अच्छे से काम: कमल
नवनियुक्त अध्यक्ष कमल गौतम ने कहा कि पूर्व नप अध्यक्ष अच्छे से काम नहीं करा पाए। पूरे नगर परिषद क्षेत्र का विकास कराने की कोशिश नहीं की गई। इससे सभी पार्षदों में रोष था। वहीं जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार आई तब से नगर परिषद का बजट भी खत्म कर दिया गया। कांग्रेस सरकार प्रदेश सहित नगर परिषद में विफल रही है। उन्होंने साथी पार्षदों और पार्टी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए अपनी तरफ से पूरा प्रयास करेंगे। साथ ही शहर में कूड़े के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाएंगे।
कोट
शनिवार को नगर परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष पद का चुनाव आयोजित किया गया। इससे पहले यह चुनाव 12 जून को होना था। उस दिन कोरम पूरा न होने के चलते इसे शनिवार को आयोजित किया गया। अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नोमिनेशन कमल गौतम का प्राप्त हुआ, जिसे जांचने के बाद सही पाया गया और इसे स्वीकार किया गया। एक नॉमिनेशन आने के बाद सर्वसम्मति से कमल गौतम को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। चुनाव के लिए छह पार्षद पहुंचे थे।
- अभिषेक कुमार गर्ग, एसडीएम सदर बिलासपुर
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-अध्यक्ष पद के लिए आया मात्र एक ही नॉमिनेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर में एक बार फिर से भाजपा ने कब्जा कर लिया है। भाजपा समर्थित पार्षद कमल गौतम को नगर परिषद का नया अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पर के लिए आयोजित चुनावी बैठक में कांग्रेस समर्थित एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। अध्यक्ष पद के लिए मात्र एक ही नॉमिनेशन प्राप्त हुआ।
ढाई माह से खाली चल रहे नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ। भाजपा समर्थित पार्षद और नप उपाध्यक्ष कमल गौतम को नगर परिषद का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। हालांकि इस चुनावी प्रक्रिया में कांग्रेस समर्थित एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। नगर परिषद बिलासपुर में कुल 11 पार्षद मौजूद हैं। इसमें छह भाजपा और पांच कांग्रेस समर्थित पार्षद शामिल हैं। इसके चलते अध्यक्ष पद के लिए भाजपा का पलड़ा भारी था। बता दें कि जनवरी 2021 में 11 पार्षदों का चुनाव हुआ था। उस समय 7 भाजपा और 4 कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार इसमें शामिल थे। कमलेंद्र कश्यप ने इन चुनावों से पहले दिसंबर 2020 भाजपा का दामन थामा था। इसके चलते उन्हें नगर परिषद अध्यक्ष बनने का मौका भी मिला। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कमलेंद्र अक्टूबर 2023 में फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद भाजपा समर्थित पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में थे। इससे पहले ही उन्होंने 1 अप्रैल को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 12 जून को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बैठक का आयोजन किया गया था, लेकिन उस दिन भाजपा समर्थित एक भी पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा और कोरम पूरा न होने के चलते चुनाव टल गया। इसके बाद 15 जून को यह चुनाव आयोजित किए गए। इसमें कमल गौतम को अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, श्री नयना देवी जी विधायक रणधीर शर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर, सदर मंडल अध्यक्ष हंसराज ठाकुर सहित सभी भाजपा समर्थित पार्षदों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।
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प्रदेश में सरकार होते हुए भी नप अध्यक्ष के लिए कांग्रेस के नहीं उम्मीदवार : त्रिलोक
भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि यह एक विचित्र स्थिति है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही पहले कांग्रेस हमारे जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पाने का प्रयास किया। लेकिन जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी भाजपा ने जीती। इसके बाद लोकसभा चुनावों में भी भाजपा को करीब 45 हजार वोटों की बढ़त प्राप्त हुई। यही कारण है कि आज कांग्रेस पार्टी अलग-अलग खेमों में विभाजित हुई है। उनका मनोबल लोकसभा चुनावों के बाद बिल्कुल धराशायी हो गया है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार तक नहीं दे पाई। यदि वह उम्मीदवार देते तो भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 10 से 11 वोट प्राप्त होते। दूसरा बड़ा कारण यह है कि बिलासपुर में कांग्रेस ने डेढ़ साल में कुछ नहीं कराया है जिस कारण इनका मनोबल टूटा हुआ है।
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पूर्व अध्यक्ष नहीं करा पाए अच्छे से काम: कमल
नवनियुक्त अध्यक्ष कमल गौतम ने कहा कि पूर्व नप अध्यक्ष अच्छे से काम नहीं करा पाए। पूरे नगर परिषद क्षेत्र का विकास कराने की कोशिश नहीं की गई। इससे सभी पार्षदों में रोष था। वहीं जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार आई तब से नगर परिषद का बजट भी खत्म कर दिया गया। कांग्रेस सरकार प्रदेश सहित नगर परिषद में विफल रही है। उन्होंने साथी पार्षदों और पार्टी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए अपनी तरफ से पूरा प्रयास करेंगे। साथ ही शहर में कूड़े के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाएंगे।
कोट
शनिवार को नगर परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष पद का चुनाव आयोजित किया गया। इससे पहले यह चुनाव 12 जून को होना था। उस दिन कोरम पूरा न होने के चलते इसे शनिवार को आयोजित किया गया। अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नोमिनेशन कमल गौतम का प्राप्त हुआ, जिसे जांचने के बाद सही पाया गया और इसे स्वीकार किया गया। एक नॉमिनेशन आने के बाद सर्वसम्मति से कमल गौतम को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। चुनाव के लिए छह पार्षद पहुंचे थे।
- अभिषेक कुमार गर्ग, एसडीएम सदर बिलासपुर