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Bilaspur News: टीबी जागरूकता के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने वाला देश का पहला जिला बना बिलासपुर
Thu, 18 Dec 2025 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 18 Dec 2025 11:54 PM IST
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जिला क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में देश का पथ-प्रदर्शक बनकर उभर रहा जिला
झंडूता के गांव कोट में विशेष निक्षय शिविर का किया गया आयोजन
आधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग कर किए 86 लोगों के एक्स-रे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर जिला क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन की दिशा में देश का पथ-प्रदर्शक बनकर उभरा है। जिला के स्वास्थ्य खंड झंडूता के तहत गांव कोट में आयोजित एक विशेष निक्षय शिविर के दौरान टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का सफल प्रयोग किया गया। इसी के साथ बिलासपुर अब देश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां टीबी जागरूकता अभियान में ड्रोन के माध्यम से सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य टीबी की समय पर पहचान और जांच सुनिश्चित करना रहा। शिविर में आधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों को मौके पर ही जांच करने में आसानी हुई। इस दौरान कुल 86 ग्रामीणों के एक्स-रे किए गए और संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल लिए गए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत राम ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार कर रहा है। कहा कि ड्रोन के माध्यम से सूचना प्रसारित करने वाला बिलासपुर पूरे भारत में पहला जिला है। इस तकनीक के जरिए दुर्गम इलाकों और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में टीबी के लक्षणों, बचाव और उपचार के संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा रहे हैं।
शिविर में उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, लेकिन सही समय पर जांच और नियमित उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो वे तुरंत अपनी जांच कराएं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान शिमला से राज्य आईसीसी अधिकारी एलआर शर्मा,विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाहकार डॉ. श्रुति राजन,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सलाहकार डॉ.श्रुति ठाकुर, वित्त सलाहकार सुमित राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा फार्मेसी अधिकारी पीसी सोनी,मनीष कुमार,महेश गौतम,टीबी पर्यवेक्षक कश्मीर ठाकुर,कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर शिल्पा,स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं ने शिविर के सफल आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
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झंडूता के गांव कोट में विशेष निक्षय शिविर का किया गया आयोजन
आधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग कर किए 86 लोगों के एक्स-रे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर जिला क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन की दिशा में देश का पथ-प्रदर्शक बनकर उभरा है। जिला के स्वास्थ्य खंड झंडूता के तहत गांव कोट में आयोजित एक विशेष निक्षय शिविर के दौरान टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का सफल प्रयोग किया गया। इसी के साथ बिलासपुर अब देश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां टीबी जागरूकता अभियान में ड्रोन के माध्यम से सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य टीबी की समय पर पहचान और जांच सुनिश्चित करना रहा। शिविर में आधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों को मौके पर ही जांच करने में आसानी हुई। इस दौरान कुल 86 ग्रामीणों के एक्स-रे किए गए और संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल लिए गए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत राम ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार कर रहा है। कहा कि ड्रोन के माध्यम से सूचना प्रसारित करने वाला बिलासपुर पूरे भारत में पहला जिला है। इस तकनीक के जरिए दुर्गम इलाकों और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में टीबी के लक्षणों, बचाव और उपचार के संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा रहे हैं।
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शिविर में उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, लेकिन सही समय पर जांच और नियमित उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो वे तुरंत अपनी जांच कराएं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान शिमला से राज्य आईसीसी अधिकारी एलआर शर्मा,विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाहकार डॉ. श्रुति राजन,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सलाहकार डॉ.श्रुति ठाकुर, वित्त सलाहकार सुमित राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा फार्मेसी अधिकारी पीसी सोनी,मनीष कुमार,महेश गौतम,टीबी पर्यवेक्षक कश्मीर ठाकुर,कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर शिल्पा,स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं ने शिविर के सफल आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
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