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हिमाचल: जनवरी में पूरा होगा बड़ा काम, 6.7 किमी लंबी टनल होगी आर-पार; भानुपल्ली रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार
Mon, 07 Sep 2026 12:26 PM IST
Ankesh Dogra
सरोज पाठक, बिलासपुर।
सरोज पाठक, बिलासपुर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:26 PM IST
सार
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना में सबसे लंबी संयुक्त टनल के फाइनल ब्रेकथ्रू की तैयारी तेज हो गई है। 10 नंबर टनल की 3.8 किलोमीटर खुदाई अंतिम चरण में है और जनवरी 2027 में इसके ब्रेकथ्रू का लक्ष्य रखा गया है। 11 नंबर टनल पहले ही आर-पार हो चुकी है। दोनों टनलों के जुड़ने के बाद 6.7 किलोमीटर लंबा टनल मार्ग तैयार हो जाएगा।
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निर्माणाधीन 10 नंबर टनल।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना में 6.7 किलोमीटर लंबी टनल के फाइनल ब्रेकथ्रू का समय नजदीक आ गया है। जनवरी 2027 में 10 नंबर टनल का फाइनल ब्रेकथ्रू होने का लक्ष्य है। 11 नंबर टनल पहले ही ब्रेकथ्रू हो चुकी है। अब 10 नंबर टनल की खुदाई पूरी होने के बाद दोनों टनल हिस्से आपस में जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही परियोजना की सबसे लंबी टनल का रास्ता आर-पार हो जाएगा।
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10 नंबर टनल की लंबाई 3.8 किलोमीटर है, जबकि 11 नंबर टनल 2.3 किलोमीटर लंबी है। दोनों टनलों को जोड़कर और बीच के हिस्से को शामिल करने के बाद संयुक्त टनल की कुल लंबाई 6.7 किलोमीटर हो गई है। पहले परियोजना में 10 नंबर टनल सबसे लंबी थी, लेकिन अब 10 और 11 नंबर को जोड़कर बनी संयुक्त टनल परियोजना की सबसे लंबी टनल होगी।
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10 नंबर टनल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसकी खोदाई चार अलग-अलग पॉइंट से की जा रही है। अलग-अलग हिस्सों में काम चलने से टनल को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जनवरी में इसके फाइनल ब्रेकथ्रू के बाद 6.7 किलोमीटर लंबा संयुक्त टनल मार्ग पूरा हो जाएगा। खोदाई के काम को गति देने के लिए तीन एग्जिट पॉइंट भी बनाए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य टनल से निकलने वाले मलबे को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज करना है।
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एग्जिट पॉइंट के जरिये मलबा ढोने वाले वाहनों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। 6.7 किलोमीटर लंबी संयुक्त टनल का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार है। 2.3 किलोमीटर लंबी 11 नंबर टनल का ब्रेकथ्रू पहले हो चुका है। अब 3.8 किलोमीटर लंबी 10 नंबर टनल के फाइनल ब्रेकथ्रू के बाद दोनों हिस्से जुड़ जाएंगे। इस तरह 10 नंबर टनल का जनवरी में होने वाला ब्रेकथ्रू परियोजना के इस हिस्से के लिए अहम होगा।
10 और 11 नंबर टनल के बीच पहले करीब 550 मीटर लंबा पुल बनाने की योजना थी। बाद में पहाड़ी की परिस्थितियों को देखते हुए इस हिस्से की योजना में बदलाव किया गया और दोनों टनलों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। अब पुल के बजाय टनल के रास्ते इस हिस्से को पार किया जाएगा।
धरोट तक जारी है काम
परियोजना में भानुपल्ली से धरोट तक 21 किलोमीटर तक ट्रैक बिछाने का काम चला है। थलू तक काम पहले ही पूरा हो चुका है और धरोट तक भी दिसंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। इसी साल के अंत में इसकी कमिशनिंग भी होगी और धरोट तक ट्रेन शुरू करने की बाधा दूर होगी।
10 और 11 नंबर टनल के बीच पहले करीब 550 मीटर लंबा पुल बनाने की योजना थी। बाद में पहाड़ी की परिस्थितियों को देखते हुए इस हिस्से की योजना में बदलाव किया गया और दोनों टनलों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। अब पुल के बजाय टनल के रास्ते इस हिस्से को पार किया जाएगा।
धरोट तक जारी है काम
परियोजना में भानुपल्ली से धरोट तक 21 किलोमीटर तक ट्रैक बिछाने का काम चला है। थलू तक काम पहले ही पूरा हो चुका है और धरोट तक भी दिसंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। इसी साल के अंत में इसकी कमिशनिंग भी होगी और धरोट तक ट्रेन शुरू करने की बाधा दूर होगी।